fbpx

दिल्ली को लगा अभिशाप एक साल में नहीं बचा कोई भी पूर्व मुख्यमंत्री

हाल ही में देश की पूर्व विदेश मंत्री और दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री रही  सुषमा स्वराज का निधन हो गया था। और उनसे पहले दिल्ली पर 15 साल तक राज करने वाली पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का भी निधन हो गया। इन दोनों दिग्गज नेता के निधन के बाद दिल्ली में कोई पूर्व मुख्यमंत्री नहीं रहा।

दिल्ली की राजनीति की बात करे तो यहाँ पर 1952 से दिल्ली में सात मुख्यमंत्री हुए, जिसकी शुरुआत भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के चौधरी ब्रह्म प्रकाश से हुई। उनका कार्यकाल समाप्त होने के कुछ समय बाद, दिल्ली के मुख्यमंत्री के पद को दिसंबर 1993 तक 37 वर्षों के लिए समाप्त कर दिया गया था, लेकिन इसक बाद फिर से दिल्ली में मुख्यमंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया। और इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के मदन लाल खुराना ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली । उसके बाद सुषमा स्वराज 1998 में दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं और उनके बाद 1998 में शीला दीक्षित मुख्यमंत्री बनी और वो 15 साल तक दिल्ली की सत्ता पर काबिज रही। और उसके बाद आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल दिल्ली के सीएम है।

ये भी पढ़ें :-  पीएम मोदी बोले-मुझे उम्मीद है कि किसी दिन जल्द ही आप में से कई वैज्ञानिक,इंजीनियर और इनोवेटर्स होंगे

वर्ष 1993 से 1996 तक दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे मदन लाल खुराना का निधन पिछले साल अक्टूबर में हुआ था। उसके बाद दिल्ली की तीन बार मुख्यमंत्री रहीं  शीला दीक्षित का निधन इस साल जुलाई में हुआ और अब हाल अक्टूबर से दिसंबर 1998 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही सुषमा स्वराज का भी निधन हो गया जिसके बाद अब दिल्ली में कोई भी पूर्व मुख्यमंत्री जीवित नहीं है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.