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मोदी सरकार का तोहफा- खाने में इस्तेमाल हुए तेल से चलेगी आपकी कार

मोदी सरकार की तरफ से अब एक नया तोहफा मिलने को है। अक्सर रसोई में खाना बनाते समय ऑयल बच जाता है और इस बचे हुए तेल को हमें अलग से रखना पड़ता है। वहीं अब सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, एक बार इस्तेमाल हो चुके कुकिंग ऑयल का दोबारा इस्तेमाल को लेकर नया तरीका निकाला गया है। बता दें अब इस बचे तेल से बायोडीज़ल बनाने की तैयारी है।

दरअसल, कुकिंग ऑयल  एक बार इस्तेमाल होने के बाद फिर सेहत के लिए हानिकारक होता है। इसीलिए इसके नए यूज़ को लेकर सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम अब यूज हो चुके कुकिंग ऑयल से बने बायोडीजल खरीदेंगी।

आपको बता दें कि खाना पकाने में इस्तेमाल हो चुके कुकिंग ऑयल के इस्तेमाल से हाई ब्लड प्रेशर, एथेरोस्क्लेरोसिस, अल्जाइमर और लीवर से जुड़ी बीमारियों का खतरा होता है।

ये कंपनियां बायोडीजल को 51 रुपये प्रति लीटर की तय दर से खरीदेंगी। दूसरे साल में उसे बढ़ाकर 52.7 रुपये और तीसरे साल में 54.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया जाएगा।

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बचेगा देश का आयात खर्च

पेट्रोलियम तेल का आयात घटाने के लिए सरकार ने 2030 तक डीजल में पांच फीसदी बॉयोडीजल मिलाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए हर साल पांच अरब लीटर बॉयोडीजल की जरूरत होगी। ओएमसी के अनुमान के मुताबिक रेस्तरां और होटल जैसे प्रतिष्ठानोंं के बेकार खाद्य तेल से हर साल 1.1 अरब लीटर बॉयोडीजल हासिल हो सकेगा। यह कच्चे तेल के आयात पर खर्च होने वाली भारी भरकम रकम की बचत करने में मदद करेगा।

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