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अब डेबिट कार्ड होगा पुराने ज़माने की बात

एक समय था जब लोगों को बैंक से पैसे निकालने के लिए फॉर्म भर कर लंबी-लंबी कतारों में इंतज़ार करना पड़ता था। फिर ज़माना आया डेबिट कार्ड और ATM का, जिसने लोगों को बहुत सहूलियत दी। अब लोगों को पैसे निकालने के लिए पहले की तरह बैंक के चक्कर नहीं काटने पड़ते। इससे भी एक कदम आगे जाते हुए अब, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) डेबिट कार्ड की जगह पर अधिक डिजिटल भुगतान प्रणाली लाने की दिशा में काम कर रहा है। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की यह योजना अगर सफल होती है तो जल्द ही हर जगह दिखने वाले प्लास्टिक डेबिट कार्ड गुजरे ज़माने की बात होंगे।

स्टेट बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार का कहना है , ‘..हमारी योजना डेबिट कार्ड को प्रचलन से बाहर करने की है। हम इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि हम उन्हें समाप्त कर सकते हैं।’ उन्होंने कहा कि देश में 90 करोड़ डेबिट कार्ड और तीन करोड़ क्रेडिट कार्ड हैं।’ कुमार ने कहा कि डिजिटल समाधान पेश करने वाले उसके ‘योनो’ प्लैटफॉर्म की डेबिट कार्ड मुक्त देश बनाने में अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि योनो के जरिए एटीएम मशीनों से नकदी की निकासी या दुकानों से सामान की खरीदी की जा सकती है।

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स्टेट बैंक ने इसी साल मार्च में ‘योनो कैश’ सेवा शुरू की है, जो ग्राहकों को बिना डेबिट कार्ड पैसे निकालने की सुविधा देता है। इसकी ख़ास बात यह है कि बेहद आसान होने के साथ-साथ यह सुरक्षित भी है। बैंक पहले ही 68,000 ‘योनो कैशपॉइंट’ की स्थापना कर चुका है और अगले 18 महीने में इसे 10 लाख करने की योजना है। शुरुआती दौर में यह सुविधा 16,500 एटीएम में उपलब्ध थी, लेकिन अब बैंक अपने सभी एटीएम को इस सुविधा के लिए अपग्रेड कर रहा है।

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