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सोने से दूर हैं खरीदार, धनतेरस भी रह सकती है फीकी

सर्राफा बाजार में इस बार वैसी रौनक नहीं दिख रही है जैसी अब तक त्योहारी सीजन में रहती थी। बाज़ार में मांग की कमी है। लोग खरीदारी में बेहद किफ़ायत बरत रहे हैं। मांग में कमी के रहते इस बार धनतेरस भी फीकी रहने की आशंका है। कारण ये है कि इस बार एक तो मांग यानि डिमांड की कमी है और इसके साथ ही सोने के भाव भी बहुत ऊपर हैं। ऊंचे भाव पर सोने की मांग कमजोर रहने के कारण इस साल धनतेरस पर सोने की खरीदारी पिछले साल के मुकाबले घटकर आधी रह सकती है। आमतौर पर धनतेरस को देशभर में करीब 40 टन सोने की खरीदारी होती है, लेकिन इस साल मांग कमजोर होने के कारण खरीदारी में 50 फीसदी तक कमी आ सकती है।

सरकार ने इस साल जुलाई में 2019-20 के आम बजट में महंगी धातुओं पर आयात शुल्क 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दिया था। ऊंचे भाव पर मांग घटने और आयात शुल्क में वृद्धि होने के कारण पिछले महीने सितंबर में सोने का आयात सितंबर महीने में घटकर 26 टन रह गया, जबकि पिछले साल इसी महीने में भारत ने 81.71 टन सोने का आयात किया था। इस तरह पिछले साल के मुकाबले इस साल सितंबर में सोने का आयात 68.18 फीसदी घट गया।

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सोने में तीन तरह की मांग रहती है, पहली, शादी के सीजन की मांग, दूसरी त्योहारी मांग और तीसरी नियमित मांग। इस बार बाजार में liquidity के अभाव से नियमित मांग की हालत पहले से ही खराब है, वहीं भाव ऊंचा होने के कारण लोग निवेश से भी घबरा रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी सोने का भाव ऊंचा होने से मांग कमजोर है।

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