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जानिए भारत को मिले ‘राफेल’ की खासियत

मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शस्त्र पूजा करने के साथ ही दसॉल्ट कंपनी से पहले राफेल विमान को रिसीव किया, जिसके बाद भारत की वायु सेना की ताकत जबरदस्त इजाफा हुआ है।

राफेल की खासियत कि बात करे तो राफेल 15.27 मीटर लंबा है और 10.80 मीटर तक विंग फैला सकता है। खाली राफेल का वजन करीब 9900 किलोग्राम है। यह 24500 किलो वजन उठा कर उड़ान भर सकता है इसके जरिये एयर टू एयर मिसाइल, एयर टू ग्राउंड मिसाइल, एयर टू सर्फेस मिसाइल के साथ ही एटम बम भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यह 4.5 जेनरेशन फाइटर एयरक्राफ्ट है।

राफेल लेह जैसे ऊंचाई वाले इलाके से भी तुरंत टेकऑफ कर सकता है, जिससे तैनाती में काफी कम वक्त लगेगा। इसमें राफेल वॉर्निंग सिस्टम है जो यह पता कर सकेगा कि कोई उसे ट्रैक तो नहीं कर रहा। इसमें मिसाइल अटैक को नाकाम कर बच निकलने की क्षमता है। एयरफोर्स के अभी सबसे अच्छे फाइटर जेट सुखोई-30 हैं, लेकिन राफेल किसी एक जगह पर तैनात होने की क्षमता सुखोई से डेढ़ गुना ज्यादा है। जहां सुखोई की रेंज 400-550 किलोमीटर है, वहीं राफेल की रेंज 780-1055 किलोमीटर है।

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राफेल को भारत आने में अभी बहुत समय लगेगा। राफेल भारत पहुंचने की डेडलाइन सितंबर, 2022 है। यानि अगले तीन साल में सभी 36 राफेल लड़ाकू विमान भारत पहुंच सकते हैं जो कि वायुसेना को दमदार बनाने के लिए काफी हैं।

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