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ऐसा होगा अयोध्या का भव्य राम मंदिर

राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अब कारसेवकपुरम के पास स्थित कार्यशाला में मंदिर के पत्थर, बीम के पत्थर, छज्जे, पिलर तराशने का काम फिर शुरू करने की तैयारी होने लगी है।

राम मंदिर के पहली मंजिल का काम पूरा है। 106 पिलर, छतें, नींव के पत्थर और उसके ऊपर लगने वाले पत्थर तैयार हैं। पत्थरों को तराशे जाने का काम काफी पहले से चल रहा था। लिहाजा तराशे गए तमाम पत्थरों पर काई जम गई है। अब इन्हें साफ करना होगा। इसके अलावा ऊपर की मंजिल के लिए भी काम करना होगा। आपको बता दें प्रस्तावित मंदिर के लिए पत्थरों को तराशने का काम कुछ अरसे से बंद है।

भगवान राम के मंदिर को पांच हिस्सों में बांटकर तैयार किया जाएगा। पहला हिस्सा मंदिर का अग्रभाग होगा। फिर इसके दरवाजे होंगे, जिसे प्रस्तावित मॉडल में सिंहद्वार कहा गया है। इसके बाद दो मंडप होंगे। बाहर से भीतर की तरफ दाखिल होते हुए पहला नृत्य मंडप होगा, जबकि दूसरा रंगमंडप होगा। इसके बाद गर्भगृह होगा। विश्व हिंदू परिषद के संगठन मंत्री त्रिलोकीनाथ पांडेय के मुताबिक नीचे रामलला विराजमान होंगे, जबकि ऊपर की मंजिल पर राम दरबार होगा। कार्यशाला में लगे शिलापट के मुताबिक, पहली मंजिल की ऊंचाई 18 फुट होगी

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दूसरी मंजिल की ऊंचाई 15 फीट 9 इंच होगी। इसके ऊपर 16 फुट 3 इंच की पेटी होगी और उसके ऊपर 65 फुट 3 इंच के आकार का शिखर होगा। शिलालेख में यह भी लिखा है कि परिक्रमा मार्ग बनेगा, जिसमें पहला चबूतरा 8 फुट ऊंचा और 10 फुट चौड़ा होगा। मंदिर में एक और चबूतरा होगा, जो 4 फुट 9 इंच का होगा और इसके ऊपर पिलर लगेंगे। पिलर में चारों दिशा में अलग-अलग मूर्तियां भी लगेंगी। जब एक पिलर तैयार हो जाएगा तो उसमें 16 मूर्तियां दिखाई देंगी। हर मूर्ति को मंदिर बनते समय ही तराशा जाएगा, क्योंकि अगर इन्हें यहां तराशा गया तो ये लगाते समय टूट सकती हैं ।

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