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3 नाबालिग की सड़क हादसे में मौत, परिवार पर चल सकता है केस

दिल्ली गेट के पास स्कूटर हादसे में तीन नाबालिगों की मौत हो गई। 1 सितंबर 2019 से नए मोटर व्हीकल ऐक्ट के तहत अब व्हीकल के असली मालिक के ऊपर भी केस चल सकता है। नाबालिगों के द्वारा गाड़ी चलाने के अपराध में संरक्षक और गाड़ी के मालिक पर भी केस चलाया जा सकता है। वहीं दिल्ली गेट के पास हुए हादसे में स्कूटर मृतक तीनों नाबालिग में से एक के चाचा के नाम पर रजिस्टर्ज था।

आइए अब आपको दिल्ली की सड़कों पर नाबालिगों के गाड़ी चलाने के कारण मौत के आंकड़े तफ़्सील से बताते हैं। आंकड़ों के अनुसार, 2018 में नाबालिग चालकों के कारण मौत की संख्या में 2015 की तुलना में 6 गुना तक की वृद्धि दर्ज की गई है। 2015 में नाबालिग चालकों का कुल 225 चालान काटा गया। पिछले साल दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 1,228 नाबालिगों के चालान काटे। 2017 में यह आंकड़ा 1,067 था और 2016 में यह आंकड़ा 746 का था।

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वहीं सर्वे के अनुसार, पकड़े गए नाबालिग चालकों में से 96.4% ने बताया कि उनके पैरंट्स को भी उनके वाहन चलाने की जानकारी रहती है। पिछले साल दिल्ली में पकड़े गए नाबालिग चालकों में 33.2% मोटरसाइकल चालक थे। ट्रैफिक पुलिस डेटा के अनुसार ऐसे हादसो में पिछले साल 914 केस देर रात हुए थे। ये कोई कम संख्या नहीं है। पैरंट्स ही अपने बच्चों को मौत के कुंए में धकेल रहें हैं। 

इस साल दिल्ली पुलिस ने अब तक 1,57,582 लोगों का ट्रिपल राइडिंग के लिए चालान काटा है। वहीं हेल्मेट नहीं पहनने के कारण 9.5 लाख लोगों का चालान काटा गया है। दिल्ली गेट पर देर रात जिन तीन नाबालिगों की मौत सड़क हादसे में हुई, उनमें से किसी ने भी हेल्मेट नहीं पहन रखा था।

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