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World Disability Day 2019: ऐसे हुई विश्व विकलांगता दिवस की शुरुआत

हर साल 3 दिसंबर को दुनियाभर में विश्व विकलांगता दिवस (World Disability Day 2019) मनाया जाता है। इस दिन को मुख्य रूप से दिव्यागों के प्रति लोगों के व्यवहार में बदलाव लाने और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरुक करने के लिए मनाया जाता है। 1992 के बाद से ही दुनियाभर में विश्व विकलांग दिवस मनाया जा रहा है। विकलांग दिवस, विकलांग व्यक्तियों के प्रति करुणा, आत्म-सम्मान और उनके जीवन को बेहतर बनाने के समर्थन के उद्देश्य से मनाया जाता है।

कब और कैसे शुरु हुआ

संयुक्त राष्ट्र आम सभा ने 1981 को ”विकलांग व्यक्तियों का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष” घोषित किया था। इसके बाद राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकलांग लोगों के लिए पुनरुद्धार, रोकथाम, प्रचार और बराबरी के मौकों पर जोर देने के लिए एक योजना का निर्माण किया गया।

विकलांग व्यक्तियों के अंतरराष्ट्रीय उत्सव के लिए ”पूर्ण सहभागिता और समानता” की थीम का चुनाव किया गया था। इस थीम के तहत समाज में विकलांगों को बराबरी के अवसर, उनके अधिकारों के बारे में लोगों को जागरुक करने और सामान्य नागरिकों की तरह उनकी सेहत पर भी ध्यान देने के साथ सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सुधारने आदि पर ध्यान केंद्रित किया गया था।

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संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1983 से 1992 को विकलांगों के लिए संयुक्त राष्ट्र के दशक की घोषणा की थी ताकि वो सरकार और संगठनों को विश्व कार्यक्रम में अनुशंसित गतिविधियों को लागू करने के लिए एक लक्ष्य प्रदान कर सकें। इसके बाद 1992 से 3 दिसंबर, विश्व दिव्यांग दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

विश्व विकलांग दिवस 2019 की थीम (World Disability Day Theme 2019)

यूएन की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक इस साल दिव्यांग दिवस की थीम ”विकलांग व्यक्तियों के नेतृत्व और उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना: 2030 के विकास के एजेंडे में एक्शन लेना” है। यह विषय 2030 एजेंडा में समावेशी, समान और सतत विकास के लिए विकलांग व्यक्तियों के सशक्तीकरण पर केंद्रित है, जो ‘किसी को पीछे नहीं छोड़ने’ का संकल्प करता है और विकलांगता को क्रॉस-कटिंग के मुद्दों के रूप में मान्यता देता है।

विश्व विकलांग दिवस मनाने की क्यों है जरूरत

अधिकतर लोग यह नहीं जानते हैं कि उनके आस-पड़ोस में कितने दिव्यांग लोग हैं। समाज में उन्हें उनके अधिकार मिल रहे हैं या नहीं। अच्छी सेहत और आत्म सम्मान पाने के लिए उन्हें समाज में मौजूद अन्य लोगों की मदद की जरूरत है लेकिन आमतौर पर लोग ऐसा नहीं करते। इसलिए विकलांगजनों की वास्तविक स्थिति के बारे में सामान्य लोगों को बताने और जागरुक करने के लिए विश्व विकलांग दिवस मनाया जाता है।

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