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दिल्ली पुलिस के पूर्व पुलिस आयुक्त : निर्भया के दोषियों को मारने के बारे में कभी नहीं सोचा

दिल्ली पुलिस के पूर्व पुलिस आयुक्त नीरज कुमार ने शुक्रवार को कहा कि उनके दिमाग में ये कभी नहीं आया कि निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के दोषियों को मारा जाए। दिल्ली में जब निर्भया केस हुआ था उस समय दिल्ली पुलिस की कमान नीरज कुमार के हाथों में थी।

उन्होंने कहा कि वह कठिन था जब निर्भया सामूहिक दुष्कर्म सामने आया था, क्योंकि पुलिसकर्मियों के साथ दुष्कर्मी जैसा व्यवहार किया जा रहा था।

नीरज कुमार का कहना है कि 16 दिसंबर, 2012 को निर्भया के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। अंदरूनी चोटों के कारण निर्भया के बाद में मौत हो गई थी। इस घटना के विरोध में लोगों में बहुत गुस्सा था और बड़े पैमाने पर धरना प्रदर्शन हुए थे।

कुमार ने कहा उस समय उनके ऊपर काफी दवाब था, मगर दोषियों को मारने के बारे में कभी नहीं सोचा। पुलिस को मैसेज मिल रहे थे कि आरोपियों को भूखे शेरों के सामने फेंक देना चाहिए। दोषियों को पब्लिक के हवाले कर देना चाहिए। कुछ भी अवैध करने की बात मन में नहीं आई।

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पूर्व पुलिस आयुक्त ने ये बातें हैदराबाद में डॉक्टर के साथ दुष्कर्म व हत्या की आरोपियों को मुठभेड़ में मारे जाने के बारे में कही। उन्होंने संयुक्त पुलिस आयुक्त रहते हुए कई मुठभेड़ की और उन्हें न्यायिक जांच का सामना करना पड़ा। हर मुठभेड़ के बाद सवाल खड़े होते हैं और हैदराबाद की एक आतंकी व गैंगस्टर के साथ मुठभेड़ नहीं है। सार्वजनिक जांच के अधीन चले रहे आरोपियों की मुठभेड़ हुई है। मामले की न्यायिक जांच होगी और हमे ये जानने के लिए इंतजार करना पड़ेगा कि मुठभेड़ सही थी या गलत।

बता दें कि नीरज कुमार ने ‘द खाकी फाइल्स नामक’ पुस्तक लिखी है। उसमें उन्होंने खुलासा किया है कि उनकी बेटियों को दुष्कर्म की धमकी दी गई। उनका इस्तीफा मांगा गया। नेटफिलिक्स पर फिल्म के जरिए उस समय की राजनीति को दिखाया गया है। वह मेरे लिए कठिन समय था। दिल्ली पुलिस अपना काम करती रही और हमने कोई गलती नहीं की।

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