fbpx

12 राज्यों के 22 बच्चे चुने गए राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए, इनमें 40 लोगों को जलने से बचाने वाला आदित्य, तेंदुए से लड़ने वाली 10 साल की राखी

राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार 2019 की घोषणा मंगलवार शाम हुई। इसके लिए 12 राज्यों के 22 बच्चों का चयन किया गया। इनमें 12 लड़के और 10 लड़कियां शामिल हैं। एक बच्चे को मरणोपरांत यह पुरस्कार दिया जाएगा। केरल के 15 वर्षीय आदित्य कुमार को भारत अवॉर्ड दिया जाएगा। आदित्य ने बस में सफर के दौरान 40 लोगों की जान बचाई थी।

आदित्य ने बताया- मैं बस में 40 लोगों के साथ था। मैंने पाया कि बस में डीजल की गंध आ रही थी। कुछ ही देर में बस ने डोना हिल (नेपाल) में आग पकड़ ली थी। यह भारत से 50 किमी दूर है। मैंने खिड़की तोड़ने के लिए हथौड़ा फेंका। धमाका होने के पहले ही हम लोग बस से बाहर निकल गए। यात्रा के दौरान बस में डीजल की गंध आने पर आदित्य ने खिड़कियों के कांच तोड़कर 40 लोगों को बाहर निकलने में मदद की थी। इसके तुरंत बाद ही बस ने आग पकड़ ली थी।

ये भी पढ़ें :-  फ़रवरी के तीसरे सप्ताह में पड़ रहे हैं यह बड़े पर्व, जानें कब है महाशिवरात्रि

आईसीसीडब्ल्यू ने पांच विशेष पुरस्कार घोषिए किए

इंडियन काउंसिल ऑफ चाइल्ड वेलफेयर ने इस साल पांच विशेष पुरस्कार देने की घोषणा की है। इनमें आईसीसीडब्ल्यू मार्कंडेय अवॉर्ड, आईसीसीडब्ल्यू ध्रुव अवॉर्ड, आईसीसीडब्ल्यू अभिमन्यु अवॉर्ड, आईसीसीडब्ल्यू प्रह्लाद अवॉर्ड और आईसीसीडब्ल्यू श्रवण अवॉर्ड शामिल हैं।

विशेष पुरस्कार पाने वाले बच्चों के नाम

  • आईसीसीडब्ल्यू मार्कंडेय अवॉर्ड, उत्तराखंड की राखी (10) को दिया जाएगा। उसने अपने 4 साल के भाई को तेंदुए से बचाया था। इस दौरान राखी को भी चोटें आई थीं। 
  • आईसीसीडब्ल्यू ध्रुव अवॉर्ड, ओडिशा की पूर्णिमा गिरि (16) और सबिता गिरि (15) को दिया जाएगा। बोट के मगरमच्छों से भरी नदी में गिरने पर दोनों ने 12 लोगों को डूबने से बचाया था।  
  • आईसीसीडब्ल्यू अभिमन्यु अवॉर्ड, मोहम्मद मुशीन को मरणोपरांत दिया जाएगा। उसने अपने तीन दोस्तों को उग्र समुद्र में बचाया था, हालांकि इस दौरान मुशीन की मौत हो गई थी।
  • आईसीसीडब्ल्यू प्रह्लाद अवॉर्ड, एस. बदरा (10) को दिया जाएगा। उसने ट्रेन दुर्घटना में दायां पैर गंवाने वाली अपनी दोस्त की मदद की थी। उसके साहस के बूते उसकी दोस्त की जिंदगी बच पाई थी।
  • आईसीसीडब्ल्यू श्रवण अवॉर्ड, जम्मू-कश्मीर के सरताज एम. मुगल को दिया जाएगा। उसने अपने माता-पिता और बहन की जान बचाई थी। हमले के दौरान इनका घर ढह गया था।

34 total views, 1 views today

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.