अर्थव्यवस्था को आर्थिक पैकेज का बूस्टर जल्द, ITR-GST रिटर्न की भी तारीख बढ़ी: निर्मला सीतारमण

कोरोना वायरस से जूझ रही अर्थव्यवस्था को आर्थिक पैकेज का बूस्टर मिलने वाला है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बात के संकेत दिए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए उन्होंने कहा कि आर्थिक पैकेज तैयार करने का काम चल रहा है और बहुत जल्द इसकी घोषणा कर दी जाएगी। फिलहाल सरकार की ओर से उद्योग जगत और आम जनता के लिए कई अहम ऐलान किये गए हैं। भारत में कोरोना से पीड़ित मरीजों की संख्या 500 पार कर चुकी है और 10 लोगों की जान भी जा चुकी है।

  • अगले तीन महीने (30 जून 2020) के लिए डेबिट कार्ड से किसी भी बैंक के ATM से पैसा निकालना फ्री हो गया है।
  • मिनिमम बैलेंस रिक्वायरमेंट फीस माफ कर दी गई है। मतलब 30 जून 2020 तक MAB जरूरी नहीं रह गया है।
  • डिजिटल ट्रेड के लिए बैंक चार्जेज को घटाया गया है। इसका मकसद डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देना है।
  • नई कंपनियों को डिक्लेरेशन के लिए 6 महीने का और वक्त मिला है।
  • कंपनियों को जबरन इन्सॉल्वेंसी में जाने से बचाया जाएगा।
  • सबका विश्वास स्कीम काफी सफल रहा। इस स्कीम के तहत 30 जून तक पेमेंट किया जा सकता है। पहले इस स्कीम की आखिरी तारीख 31 मार्च थी। उसके बाद पेमेंट करने पर कोई पेनाल्टी नहीं लगेगी।
  • कॉर्पोरेट को राहत देते हुए यह कहा गया कि बोर्ड बैठक 60 दिनों के लिए टाला जा सकता है। यह राहत फिलहाल आने वाली दो तिमाही के लिए है।
  • 5 करोड़ तक टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए GST रिटर्न फाइल करने में देरी पर फिलहाल जुर्माना नहीं।
  • TDS पर ब्याज 18 प्रतिशत से घटाकर 9 प्रतिशत किया गया।
  • 30 जून 2020 तक 24 घंटे कस्टम क्लियरेंस की सुविधा मिलती रहेगी।
  • मार्च, अप्रैल, मई के लिए GST रिटर्न भरने की तारीख बढ़ाकर 30 जून कर दी गई है।
  • विवाद से विश्वास स्कीम को भी अब 30 जून कर दिया गया है। 31 मार्च के बाद 30 जून तक कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा।
  • आधार पैन लिंक करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 30 जून 2020 तक कर दी गई है।
  • वित्त वर्ष 2018-19 के लिए टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया है।

सरकार ने यह साफ कर दिया है कि कोरोना वायरस से जुड़े कार्यों में अब CSR का फंड दिया जा सकता है। यानी यह फंड अब कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में प्रयोग किया जाएगा। निर्मला सीतारमण ने सोमवार को ट्वीट किया कि देश में कोरोना वायरस के प्रसार को मद्देनज़र रखते हुए सरकार इसे आपदा घोषित करने का फैसला ले चुकी है।

इसलिए यह साफ करना जरूरी है कि कोरोना वायरस से लड़ाई में खर्च हुए फंड को CSR एक्टिविटी के अंतर्गत माना जाएगा। सीतारमण ने इस बात के संकेत दिए हैं कि जल्द ही कोरोना वायरस से प्रभावित सेक्टरों के लिए राहत पैकेज आ सकता है। इसके अलावा, सेबी और RBI की ओर से कुछ राहत दी जा सकती है।

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