WHO ने ‘लॉकडाउन’ वाले देशों को चेताया- इससे खत्म नहीं होगा कोरोना का खतरा, और भी बड़े कदम उठाने होंगे

कोरोना वायरस अब तक करीब 180 से ज्यादा देशों में अपना पैर पसार चुका है और साढ़े चार लाख लोग इससे संक्रमित हैं। यह विश्व भर में अब तक 20 हजार से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है। भारत में ही इसके 600 से ज्यादा मामले आये है। जिसमें से 12 लोगों की मौत हो चुकी है। अकेले चीन और इटली में ही मरने वालों का आंकड़ा 10000 के पार हो चुका है। इन हालातों को देखते हुए भारत समेत कई देशों ने इससे बचाव के लिए लॉकडाउन का रास्ता अख्तियार किया है और तीन अरब से ज्यादा लोग लॉकडाउन में रहने को मजबूर हैं। लेकिन WHO ने इस कदम को काफी नहीं बताया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के डायरेक्टर जनरल टेडरोस अधानोम गेब्रियेसस ने बुधवार को लॉकडाउन करने वाले देशों को चेताया है। उन्होंने बताया कि कोरोनावायरस (COVID-19) का मुकाबला करने के लिए कई देशों द्वारा लागू किए जा रहे लॉकडाउन, दुनिया से वायरस को मिटाने के लिए पर्याप्त नहीं होंगे।
रोजाना के अपडेट में गेब्रियेसस ने बताया, ”कोरोनावायरस के संक्रमण के फैलाव को धीमा करने के लिए कई देशों ने ‘लॉकडाउन’ का उपाय अपनाया है। लेकिन यह उनके हिसाब से है, ये उपाय महामारी को नहीं खत्म करेगी। हम सभी देशों से इस समय का उपयोग करके कोरोनोवायरस पर हमला करने का आह्वान करते हैं। अभी तक आपने इस अवसर की दूसरी विंडो (दूसरा तरीका अपनाया) बनाई है।”
उन्होंने कहा, ”लोगों को घर पर रहने के लिए कहना और उनकी आवाजाही को बंद कर देने से वक्त हासिल होगा, जिससे हेल्थ सिस्टम पर दबाव घटेगा… लेकिन अपने आप में इससे महामारी खत्म नहीं होगी।”

गेब्रियेसस ने अनुसार , “हम उन सभी देशों से कहना चाहते हैं, जिन्होंने तथाकथित लॉकडाउन तरीके को अपनाया है, वह इस वायरस पर हमला करने के लिए इस समय का उपयोग करें। आपने इस मौके की दूसरी विंडो बनाई है, सवाल यह है कि आप इसका उपयोग कैसे करेंगे?”

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा, ”आइसोलेशन में रखे जा रहे लोगों को खोजना, आइसोलेट, परीक्षण और उनका इलाज करना सबसे अच्छा और तेज तरीका है, लेकिन इसके अलावा और भी बड़े कदम सामाजिक और आर्थिक स्तर पर उठाने होंगे।”

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