देशबंदी के दौर में धोखाधड़ी के आरोपी वधावन को महाबलेश्वर की अनुमति पर राजनीति गर्म

पूरे देश में इस वक़्त देशबंदी का दौर है। ऐसे में DHFL के प्रमोटरों- कपिल और धीरज वधावन सहित 23 लोगों को महाबलेशवर जाने की अनुमति देने को लेकर महाराष्ट्र में सियासत शुरू हो गई है। बीजेपी ने जहां इस मामले को लेकर गृह मंत्री अनिल देशमुख का इस्तीफा मांगा है। वहीं उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार ने यात्रा की इजाजत देने वाले प्रधान सचिव अमिताभ गुप्ता को तुरंत प्रभाव से आवश्यक छुट्टी पर भेज दिया है।

देवेंद्र फडणवीस ने सरकार को घेरे में लिया
पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘क्या महाराष्ट्र में अमीरों और धनवानों के लिए कोई देशबंदी नहीं है? कोई भी पुलिस की आधिकारिक अनुमति से महाबलेश्वर में छुट्टियां बिता सकता है।’

संजय निरुपम ने भी साधा निशाना
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने वधावन परिवार पर सवाल उठाते हुए कहा, वधावन भाई 30,000 करोड़ के DHFL घोटाले के मुख्य आरोपी हैं। ED मामले की बहुत धीमी जांच कर रही है। ED ने उन्हें गिरफ्तार करने में काफी समय लगाया। इसके बाद तुरंत उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। ऐसा लगता है जैसे कोई उनकी मदद सिस्टम के अंदर से कर रहा हो। अब उन्हें पिकनिक पर जाने की इजाजत दी गई।

ये भी पढ़ें :-  रुस ने बनाया कोरोना का वैक्सीन, पंजीकरण कल

बीजेपी ने गृह मंत्री के इस्तीफे की मांगा
बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने देशबंदी जारी रहने के बाद भी DHFL के प्रमोटरों को यात्रा की अनुमति देने के मामले में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के इस्तीफे की शुक्रवार को मांग की। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद गृह विभाग में प्रधान सचिव अमिताभ गुप्ता को अनिवार्य अवकाश पर भेजने की सरकार की कार्रवाई महज खानापूर्ति है।

उन्होंने जानना चाहा कि किसके निर्देशों पर वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपी वधावन भाइयों के साथ VVIP सलूक किया गया। सोमैया ने वीडियो बयान में कहा, ‘गुप्ता को अवकाश पर भेजना और कुछ नहीं बल्कि दिखावा है। हमें अनिल देशमुख का इस्तीफा चाहिए।’

सरकार ने प्रधान सचिव को भेजा छुट्टी पर
महाराष्ट्र के गृह विभाग में तैनात प्रधान सचिव (विशेष) अमिताभ गुप्ता ने वधावन परिवार के 23 लोगों को कथित तौर पर महाबलेश्वर की यात्रा करने की इजाजत दी थी। एक आधिकारिक लेटरहेड पर जारी पत्र में गुप्ता ने लिखा था कि ‘निम्नलिखित (व्यक्ति) को मैं अच्छी तरह से जानता हूं क्योंकि वे मेरे पारिवारिक मित्र हैं और परिवार में आई आपात स्थिति के कारण वह खंडाला से महाबलेश्वर तक की यात्रा कर रहे हैं।’ पत्र में उन्होंने पांच वाहनों का विवरण दिया था जिससे ये 23 व्यक्ति यात्रा कर रहे थे।

वधावन परिवार क्वारंटाइन
वधावन परिवार के सदस्यों को महाबलेश्वर की स्थानीय पुलिस ने शहर आने के बाद गुरुवार को शैक्षणिक क्वारंटाइन में रखा है। उन्होंने देशबंदी के नियमों का उल्लंघन किया है।

ये भी पढ़ें :-  जाह्नवी कपूर की फिल्म ‘The Kargil Girl’ को IMDB पर खराब रेटिंग्स, वायुसेना ने फिल्‍म के कई सीन पर जताई आपत्त‍ि

पूरे परिवार पर दर्ज केस
देशबंदी के आदेशों का उल्लंघन करने पर महाबलेश्वर पुलिस स्टेशन में DHFL समूह के कपिल वधावन और 22 अन्य (उनके परिवार के सदस्यों और नौकरों) के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

क्या है पूरा मामला?
देशबंदी के बीच वधावन परिवार के सदस्यों को सातारा जिले के लोकप्रिय हिल स्टेशन, महाबलेश्वर की यात्रा करने की अनुमति दी गई। उन्होंने परिवार में आपात स्थिति का हवाला देकर बंद के नियमों से छूट देने वाला पत्र हासिल किया। परिवार तथा अन्य सदस्यों ने बुधवार शाम अपनी कार से खंडाला से महाबलेश्वर तक की यात्रा की।

3,288 total views, 1 views today

Leave a Reply

Your email address will not be published.