व्यवसायों और श्रमिकों को राहत देने के लिए कर्मचारीयों के EPF में कमी

सरकार ने बुधवार को कहा कि कर्मचारियों को ‘अधिक वेतन’ देने और नियोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए व्यवसायों और श्रमिकों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) का योगदान कम किया जा रहा है। नियोक्ताओं द्वारा सांविधिक PF योगदान को मौजूदा 12 फीसदी से कम कर 10 फीसदी किया गया, इससे उनके पास 6,750 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी। पीएम मोदी द्वारा मंगलवार को राष्‍ट्र के नाम संबोधन के दौरान घोषित किए गए आर्थि‍क पैकेज के तहत यह कदम उठाया गया है। इससे कर्मचारी के मासिक वेतन की राशि में कुछ इजाफा होगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा कि कर्मचारियों को अधिक वेतन देना और भविष्य निधि देय राशि के भुगतान में नियोक्ताओं को राहत देना जरूरी था, इसी के तहत हमने यह पहल कि है।

उन्‍होंने कहा कि नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का वैधानिक PF योगदान अगले तीन महीनों के लिए EPFO द्वारा कवर किए गए सभी प्रतिष्ठानों के लिए मौजूदा 12 फीसदी से 10 फीसदी तक कम हो जाएगा। सरकारी कंपनियों के लिए योगदान 12 फीसदी ही बना रहेगा। सरकार के मुताबिक, EPFO के तहत आने वाले करीब 6.5 लाख प्रतिष्ठानों और लगभग 4.3 करोड़ कर्मचारियों को इससे राहत मिलेगी। सरकार ने यह भी कहा कि वह व्यवसायों के कर्मचारियों के लिए EPF योगदान का भुगतान करेगी ताकि उन्हें वायरस के संकट से उबरने में मदद मिले।

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वित्तीय तनाव को कम करने के लिए सरकार व्यापार और श्रमिकों के लिए तीन और महीनों के लिए EPF समर्थन जारी रखेगी। इसमें 2,500 करोड़ रुपये की नकदी मिलेगी। वित्‍त मंत्री ने कहा कि 100 से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों और जिन कंपनियों में 90 फीसदी कर्मचारी प्रति माह 15,000 रुपये तक वेतन पाते हैं, के लिए दो तिमाहियों के EPF का भुगतान सरकार करेगी।

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