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राम मंदिर पर योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान ‘जो होना है वह….

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में प्रेस कांप्रेंस की और कई महत्वपुर्ण सवालों के जवाब दिये जिसमें सबसे अहम मुद्दा था राम मंदिर का जो हमेशा से ही बीजेपी के घोषणा पत्र में रहता है और हर बार पार्टी इसी मुद्दे के दम पर चुनाव में उतरती है लेकिन प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद भी पार्टी मंदिर बनाने में असफल रही है।

योगी आदित्यनाथ से जब राम मंदिर के बारे में पूंछा गया तो उन्होंने एक बार फिर से इस बात को टालते हुए कोई निश्चित समय नहीं बताया और कहा कि  ” व्यक्ति को आशावादी बनना चाहिये। प्रभु राम का काम है और उसकी तिथि भगवान राम ही तय करेंगे, लेकिन जो कार्य होना है वह होकर ही रहेगा उसको कोई टाल नहीं सकता है, नियति ने जो तय किया है वह होकर रहेगा।”

इस प्रेस कांफ्रेंस में योगी आदित्यनाथ ने महागठबंधन पर भी वार करते हुए कहा कि ”प्रदेश में गठबंधन इसलिए हो रहा है क्योंकि वे भारतीय जनता पार्टी से भयभीत हैं, वे भारत के विकास से भयभीत हैं, राजनीतिक स्थिरता से भयभीत हैं। यह देश की पहली सरकार है जिसने सत्ता का केंद्र बिंदु गांव, किसान, मजदूर और महिलाओं को बनाया है। यह बौखलाहट है जिसमें कहा जा रहा है कि मिलकर चुनाव लड़ेंगे लेकिन नेता का नाम नहीं बता रहे हैं क्योंकि उनके पास कोई नेता ही नहीं है।”

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इस प्रेस कांफ्रेस में योगी आदित्यनाथ ने प्रचलित मुद्दे मॉब लिंचिग के बारे में भी बोलते हुए कहा कि  हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं है। कानून को हाथ में लेने अधिकार किसी को नहीं है। प्रदेश में बेरोजगारों के सवाल पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में नौकरियों की कमी नहीं है। हमारी सरकार 1,37,000 शिक्षकों की भर्ती करेगी। पुलिस में भी डेढ़ लाख से अधिक भर्तियां करनी है, इसकी प्रक्रिया जारी है। प्रदेश में हाल ही में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया था जिसके माध्यम से भी लाखों रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों की 50 साल की उम्र में स्क्रीनिंग करने जा रहे हैं। जो अच्छा काम करेंगे वे आगे जाएंगे, जो काम नहीं करेंगे उन्हें घर भेजा जाएगा।

अब देखना होगा कि योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद विपक्ष उन पर क्या हमला बोलते है और देखना तो यह भी होगा कि 2019 चुनाव के पहले राम मंदिर बन पाता है या नहीं।

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