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जेट एयरवेज पर मंडराया ख़तरा, रद्द हुई विमानों की उड़ान

जेट एयरवेज कर्ज में बुरी तरह से डूबी है। गुरूवार को इस एयरलाइन के केवल 14 विमानों ने ही उड़ान भरी। इसके साथ अंतरराष्ट्रीय उड़ान रद्द कर दी गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस एयरलाइन को बैंकों से अभी तक 1500 करोड़ रूपए की मदद नहीं मिल पाई है। ख़बरों के अनुसार, इन विमानों को अब दूसरी एयरलाइन किराये पर लेकर उड़ान शुरू कर सकती हैं।  फिलहाल इसको खरीदने के लिए अभी कोई कंपनी आगे नहीं आई है, जिसके चलते अब एसबीआई ने तारीख को 14 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। वहीं जेट एयरवेज के पूर्व चेयरमैन नरेश गोयल एयरलाइन में हिस्सेदारी के लिये फिर बोली जमा कर सकते हैं।

जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल कंपनी में एक बार फिर से अपनी हिस्सेदारी खरीद सकते हैं। गोयल ने संकट में फंसी एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज में अपनी 26 फीसदी हिस्सेदारी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के पास गिरवी रखी है। यह हिस्सेदारी कर्ज के लिए सुरक्षा गारंटी है।

करना पड़ा परेशानी का सामना:-

• इंडियन ऑयल ने बुधवार को तीसरी बार जेट की तेल आपूर्ति रोक दी है। सूत्रों के मुताबिक ख़बर थी भुगतान ना पूरा करना। आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई तो कंपनी के और उड़ानें भी प्रभावित हो सकती हैं।

• यहीं नहीं इन दिक्कतों का सामना विदेशों में भी किया गया। जेट की एम्सटर्डम से मुंबई को आने वाली उड़ान संख्या 9W 231 को रोक लिया गया है, जिससे काफी यात्री हॉलैंड के शीफोल हवाई अड्डे पर फंस गए हैं। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद है और उनको समय-समय पर इसके बारे में अपडेट कराया जाएगा।

• कंपनी पर फिलहाल 100 करोड़ डॉलर (69.23 लाख करोड़ रुपये) बकाया है। और जल्द ही भुगतान नहीं किया गया तो इनकी उड़ानें को और भी दिक्कतों का सामना कर पड़ सकता है।

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