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1 जुलाई से बदलने जा रहे है SBI के नियम

आज के दौर में बैंक में खाता होना काफी महत्वपूर्ण होता है क्यूंकि कई बार लोगों की सलेरी उनके खाते में दी जाती है|तो वहीं कई बार कुछ जगाहों पर बैंक के खाते की जरूरत पड़ जाती है या कभी किसी व्यक्ति को लाओं लेना हो तब भी बैंक में खाते की जरूरत होती है|बैंक में खाते होने से कई फायेदे होते है|आपकी मेहनत यानि की पैसे सेफ रहते है|

 अगर देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया में अगर आपका खाता है तो आपके लिए जरूरी सूचना जारी की गई है|बता दें, SBI ने 1 जुलाई से अपने बैंक के नियम बदलने का ऐलान किया है| जिसके बदलने पर इसका  सीधा असर एसबीआई के 42 करोड़ ग्राहकों पर पड़ सकता है| आइए आज हम इस मामले से रूबरू करवाते है|

दरअसल एसबीआई की ओर से कहा गया है कि 1 जुलाई से रेपो रेट से जुड़े होम लोन ऑफर किए जा सकते है| इसका मतलब ये है कि अगले महीने से ही एसबीआई की होम लोन की ब्याज दर पूरी तरह रेपो रेट पर प्रव्भावित हो जाएगी|

इसे आसान भाषा में बताया जाए तो रिजर्व बैंक जब-जब रेपो रेट में बदलाव करेगा उसी आधार पर एसबीआई की होम लोन की ब्‍याज दर भी तय की जाएगी|

आने वाले समय में आरबीआई के रेपो रेट के बदलने के बाद भी एसबीआई अपने हिसाब से होम लोन पर ब्‍याज दरों में कटौती या बढ़ोतरी करता है|

दरअसल आरबीआई ने बीते 6 महीने में लगातार तीन बार रेपो रेट में कटौती की है| दिसंबर से जून के बीच रेपो रेट में कुल 0.75 फीसदी की कटौती हो चुकी है|

आगे ऐसी स्थितियों में एसबीआई का होम लोन भी लगातार सस्ता होता रहेगा| हालांकि, रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने की स्थिति में SBI होम लोन की ब्याज दरें भी स्थिर रह सकती है|

हालाँकि, एसबीआई अपने शॉर्ट टर्म लोन और बड़ी जमा राशि की ब्याज दरों को पहले ही रेपो रेट से जोड़ दिया है| यह नियम 1 मई से शुरू हो चुका है| रेपो रेट के आधार पर ही बैंक ब्‍याज दर में बदलाव करते हैं|

 आपको बता दें,रेपो रेट वह दर होती है जिस पर बैंकों को आरबीआई कर्ज देता है| बैंक इस कर्ज से ग्राहकों को कर्ज देते हैं| रेपो रेट कम होने से मतलब है कि बैंक से मिलने वाले कई तरह के कर्ज सस्ते हो जाएंगे|

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