पुत्र प्राप्ति के लिए 5 जनवरी को करें सकट चौथ का व्रत

खबर_संवाददाता - Preeti

On 2018-01-03 18:08:47

5 जनवरी को सकट चौथ का पर्व है। सकट चौथ एक महत्वपूर्ण पर्व है, इसे “तिल चौथ” या “माहि चौथ” भी कहा जाता है। इस उपवास को माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन किया जाता है। इस बार यह व्रत 5 जनवरी 2018 को रखा जाएगा। इसमें महिलाएं या घर का कोई भी सदस्य उपवास रखकर संकट हरण श्री गणेश तथा चंद्र देव का पूजन किया जाता है। पद्मपुराण के अनुसार इस व्रत को भगवान गणेश ने स्वंय मां पार्वती को बताया था। यह व्रत संकटों को दूर करने और दुखों को दूर करने वाला होता है। यह उपवास रखने से व्रती की सभी इच्छाएं सम्पूर्ण हो जाती है।

 

माना जाता है इस दिन श्री गणेश ने देवताओं की मदद कर उनके संकट को दूर किया था। इसके बाद भगवान शिव ने गणेश जी को आशीर्वाद दिया था की आज के दिन को लोग संकट मोचन के रूप में मनाएं। जो भी व्यक्ति इस दिन व्रत करेगा, उसके सभी संकट इस व्रत के प्रभाव से दूर हो जाएंगे।

 

क्या है व्रत की मान्यता

यह दुलर्भ व्रत पुत्र की रक्षा के लिए रखा जाता है। इस व्रत को करने से भगवान गणेश संतान को सभी कष्टों से मुक्ति दिलाते हैं।

 

किसी कारणवश अगर व्रत नहीं रखा जा सकता तो इस दिन भगवान गणेश की पूजा तो अवश्य ही करनी चाहिए। यह व्रत घर का कोई भी सदस्य कर सकता है।

 

विद्यार्थी वर्ग के लिए यह व्रत बहुत ही उत्तम माना गया है।

 

इस व्रत को करने से व्रती की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।

 

व्रत पूजन की विधि

 

प्रात: काल एक चौकी पर लाल वस्त्र पर भगवान श्री गणेश की मूर्ति की स्थापना करें। उनके साथ ही माता पार्वती जी की भी मूर्ति रखें। भगवान गणेश को पीले वसत्र धारण कराएं, धूप, घी, लाल रोली, कलावा, फूल आदि पूजन सामग्री के साथ भगवान का ध्यान कर संकल्प लें। साथ ही भगवान श्री गणेश के मंत्रों का जाप करें।

 

इसके बाद पूरा दिन निर्जला व्रत रखें और गरीबों को तिल, गुड़ आदि का दान दें। इस दिन तिल का विशेष महत्व है, तिल और गुड़ मिलाकर प्रसाद बनाएं। शाम को तिल से बकरा बनाकर या कोई आकृति बनाकर घर के किसी बच्चे से उसे कटवाएं। सर्वप्रथम उस प्रसाद से भगवान का भोग लगाकर लोगों में वितरित करें।