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परशुराम जयंती, जानिए क्यों भगवान परशुराम ने किया अपनी ही मां का वध

वैसे तो हिन्दू कैलेंडर में कई त्यौहार होता हैं और इन त्यौहारों को अपना-अपना ख़ास मतलब भी होता है लेकिन क्या आपको पता है कि परशुराम जयंती कब मनाई जाती है। आज अक्षय तृतीया है। अक्षय तृतीया वैशाख मास की शुक्ल पक्ष को मनाई जाती है और अक्षय तृतीया के दिन ही परशुराम जयंती भी मनाई जाती है। ऐसा कहा जाता है कि इसी दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का भी जन्म हुआ था। ऐसी मान्यता है कि भगवान परशुराम आज भी जीवित हैं। ये न्याय के देवता माने जाते है और ऋषि परशुराम काफी क्रोधित प्रवृत्ति के भी माने जाते थे।

ऐसा कहा जाता है कि इनका क्रोध काफी ख़तरनाक साबित होता था। इन्होंने क्रोध में 21 बार पृथ्वी को क्षत्रिय विहीन किया था। आपको बता दें कि भगवान शिव के पुत्र भगवान गणेश को भी इनके क्रोध का शिकार होना पड़ा था। तो आज हम आपको बताते हैं भगवान परशुराम से जुड़ी कुछ खास बातें-

अपनी मां का किया था वध-
परशुराम पर मातृ हत्या का पाप लगा था क्योंकि भगवान परशुराम ने अपने पिता की आज्ञा पर अपनी मां का वध कर दिया था,  इस पाप से मुक्ति पाने के लिए परशुराम ने शिव जी की तपस्या की जिससे परशुराम को मातृ हत्या के पाप से मुक्ति मिली।

भगवान गणेश का तोड़ा था दांत-

पुराण के अनुसार,  भगवान परशुराम एक बार भगवान शिव से मिलने कैलाश पर्वत गए थे,  जहां शिव जी के पुत्र गणेश जी ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। इस पर परशुराम को गुस्सा आ गया और उन्होंने अपने फरसे से गणेश जी का एक दांत तोड़ दिया,  जिसके बाद गणपति एकदंत कहलाए जाने लगे।

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