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शुरू हुई गुप्त नवरात्र, जानें क्या है इन नवरात्र का महत्व और क्या है इसकी पूजा विधि

इस बात की जानकारी तो सभी लोगो को है कि साल में सिर्फ 2 बार ही नवरात्री आती है और इन दिनों हम लोग भगवती माता के नौ रूपों, नौ शक्तियों की पूजा करते है। और इस दौरान माता सभी लोगो की मनोकामना भी पूरी करती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि साल में इन दो नवरात्रों से अलग 2 और नवरात्र भी होते हैं जिन्हें गुप्त नवरात्र कहा जाता है।

हिंदू कैलेंडरसे मिली जानकारी के अनुसार गुप्त नवरात्र साल में 2 बार आते हैं एक माघ महीने में और दूसरा आषाढ़ महीने में। वही अब माघ महीना चल रहा है वही अब नवरात्र 2019 का आगाज़ आज से होने जा रहा है।

गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की बजाय दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है। ये दस महाविद्याएं हैं – काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी।

जानकारी के अनुसार साल में 2 बार आने वाले गुप्त नवरात्रि बेहद ही खास होते हैं। इस नवरात्र की पूजा विधि चैत्र और शारदीय नवरात्रि से बिल्कुल अलग होती है और यही कारण है कि गुप्त नवरात्रि अन्य नवरात्र से बिल्कुल अलग और खास होते हैं।कहते हैं इन नवरात्रों में मां भगवती की देर रात गुप्त रूप से पूजा की जाती है और इसलिए इन्हे गुप्त नवरात्र कहा जाता है।

जानिए कैसे करे गुप्त नवरात्र में पूजा

इस व्रत में मां दुर्गा की पूजा देर रात ही की जाती है।

मूर्ति स्थापना के बाद मां दुर्गा को लाल सिंदूर, लाल चुन्नी चढ़ाई जाती है

-नारियल, केले, सेब, तिल के लडडू, बताशे चढ़ाएं और लाल गुलाब के फूल भी अर्पित करें

 गुप्त नवरात्रि में सरसों के तेल के ही दीपक जलाएं

ॐ दुं दुर्गायै नमः का जाप करना चाहिए

कहते हैं गुप्त नवरात्र में मां दुर्गा से गुप्त रूप से मनोकामना की ती है और मा भगवती भी उस मनोकामना को ज़रूर पूरा करती है।

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