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बुधवार को ऐसे करें गणपति की पूजा, संकट होंगे दूर

बुधवार का दिन हिन्दू पुराण में बहुत ही शुभ माना जाता है। यदि आपको कोई नया काम शुरु करना हो तो आप इस दिन शुरु कर सकते है। कहते है की बुध गृह की प्रकृति गतिशील, मनभावन और शांत मानी गयी है। बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन होता है। भगवान श्री गणेश को सभी दुखों को दूर करने वाला माना जाता है। हिंदू धर्म में प्रमुख पांच देवी-देवता यानी कि सूर्य, विष्णु, शिव, शक्ति और गणपति में भगवान गणेश की पूजा सबसे पहले की जाती है। भौतिक,  दैहिक और अध्यात्मिक कामनाओं के सिद्धि के लिए सबसे पहले उन्हें  ही पूजा जाता है,  इसलिए इन्हें गणाध्यक्ष और मंगलमूर्ति भी कहा जाता हैं। श्री गणेश ऋद्धि-सिद्धि के दाता और शुभ-लाभ प्रदाता हैं। वे अपनी पूजा करने वालों के बाधा, संकट, रोग तथा दरिद्रता को दूर करते हैं। तो, आइए जानते है कि पूजा में सबसे पहला स्थान भगवान गणेश का क्यों:-

प्रथम पूजे जाने की कहानी:-

एक बार देवों की सभा में यह प्रश्न उठा कि सर्वप्रथम किस देव की पूजा होनी चाहिए। सभी अपने को महान मानते थे। अंत में इस समस्या को सुलझाने के लिए देवर्षि नारद ने शिव जी से पूछने की सलाह दी,  और भोलेनाथ ने कहा कि इसका फैसला एक प्रतियोगिता से होगा। इस प्रतियोगिता में सभी देवों को अपने वाहन पर पृथ्वीो की परिक्रमा करनी थी और प्रथम आने वाले को ही प्रथम पूज्या बनाया जाता। सभी देव तो अपने वाहनों पर सवार हो चल गए, परंतु गणेश जी ने अपने पिता शिव और माता पार्वती की सात बार परिक्रमा की और उनके सामने हाथ जोड़कर खड़े हो गए। बाकी देवताओं में सबसे पहले कार्तिकेय अपने वाहन मयूर पर सबसे पहले पृथ्वी का चक्कर लगाकर लौटे और बोले कि वे स्पर्धा में विजयी हुए हैं इसलिए पृथ्वी पर प्रथम पूजा पाने के अधिकारी हैं। इस पर शिव जी ने कहा कि विनायक ने तुमसे भी पहले ब्रह्मांड की परिक्रमा पूरी की है और वही प्रथम पूजा का अधिकारी होगा। कार्तिकेय खिन्न होकर पूछा यह कैसे संभव है कि माता-पिता ब्रह्मांड से भी बढ़कर हैं। इसके बाद सभी देवों ने भी एक स्वर में स्वीकार कर लिया कि गणेश जी ही पृथ्वी पर प्रथम पूजन के अधिकारी हैं। तभी से गणपति का पूजन सर्वप्रथम किया जाता है।

पूजा की विधि-

• बुधवार को सुबह स्नान कर गणेशजी के मंदिर उन्हें दूर्वा की 11 या 21 गांठ अर्पित करें।

• गणेश मंत्र का जाप विधि-विधान से करें। उन्हें  धूप, दीप और नैवेद्य से प्रसन्ने करे

• विशेष रूप से लड्डू और मोदक श्री गणेश के प्रिय हैं।

 • जिनकी कुंडली में बुध ग्रह अशुभ स्थिति में है तो इस दिन पूजा करने से वह भी शांत हो जाता है।

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