अब भारत में गरीब होने पर लगेगा जुर्माना!

  • अब भारत में गरीब होने पर लगेगा जुर्माना!

Editor- Sarvesh Shukla

On 2018-01-02 17:36:53 53

भारत में गरीब होने पर अब जुर्माना लगेगा जी हां आपने सही पढ़ा। क्यूंकि स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया यानी SBI ने साल 2017 में अप्रैल से लेकर नवंबर  2017 के बीच उन खातों से 1771 करोड़ कमा लिया है, जिनमें न्यूनतम बैलेंस नहीं था। न्यूनतम बैलेंस यानी  मेट्रो शहरों में आपके खाते में कम से 5000 रुपये होने चाहिए और शहरी शाखाओं के लिए 3000 रुपये रखा गया है। जिसके बाद स्टेट बैंक आॅफ इंडिया ने जुलाई से सितंबर की तीसरी तिमाही में 1581 करोड़ रुपये की वसूली की थी और यह पैसा बैंक की दूसरी तिमाही के मुनाफ़े से भी ज़्यादा है।


आपको बता दें कि मौजूदा समय में स्टेट बैंक के पास 42 करोड़ बचत खाताधारक हैं और इनमें से 13 करोड़ बेसिक बचत खाते और जनधन योजना के तहत खुले खातों से न्यूनतम बचत न होने का जुर्माना नहीं लिया गया। और बाकी बचे 29 करोड़ बचत खाताधारकों में कुछ लाख लोग ज़रूर ऐसे रहे होंगे जो अपने खाते में न्यूनतम बैलेंस को मेंटेन नहीं कर पाते होंगे जिसका सीधा सीधा अर्थ है उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होगी जिसके बाद बैंक ने एक एक कर के उन खाता धारकों के खाते से 100-50 रुपये काटते-काटते बैंक ने 1771 करोड़ उड़ा लिए।


अंग्रेजों के सिस्टम चलाती बैंके 

बैंकों का माजूदा रवैया 100 साल पुराने भारत की याद दिलाता है। जब अंग्रेज चंपारण का तीन कठिया सिस्टम चलाते थे है जिसके तहत किसानों को अपने खेत के तीन हिस्से में नील की खेती करनी ही होती थी ताकि नील के मैनेजरों का मुनाफ़ा और बढ़ सके और ठीक माजूदा समय में बैंक भी कमज़ोर आर्थिक स्थिति में लोगों से जुर्माना वसूल रहे है। क्यूंकि  मौजूदा समय में  स्टेट बैंक आॅफ इंडिया पर एनपीए यानि नॉन प्रॉफिटेबल एसेट का बोझ सबसे ज़्यादा है। बैंक उन पूंजीपतियों से रूपए नहीं वसूल पा रहे है जिन्होंने उसके लाखों करोड़ रुपये से भी ज़्यादा की लोन लेकर चंपत हो चुके हैं। जिसके बाद बैंक अब खुद को डूबने से बचाने के लिए आर्थिक रूप से कमज़ोर और असहाय लोगों की जेब काट रही है।

मीडिया ट्रिपल तलाक और पाकिस्तान के चक्क्रों में आपको घुमा रही है

यह तो आज जग जाहिर की टीवी पत्रकारिता किस तरह से काम कर रही है , आज के समय में रोज रात प्राइम टाइम पर आपको पाकिस्तान और तीन तलाक़ में उलझा कर रखेगा लेकिन आपको यह नहीं बताएगा की आपकी  चुपके से आपकी जेब कतरी जा रही है।

लेकिन फिर भी आज इंडियन एक्सप्रेस ने यह ख़बर छापी है। जिसके बाद अभी तक स्टेट बैंक ने पुरे मुद्दे पर कोई जवाब तक नहीं दिया है। और जवाब देंगे भी क्यों जब सरकार का साथ उन्हें खुलेआम मिल रहा है। जब सरकार खुद नोटबंदी जैसे फैसले के परिणाम आने के बाद चुप्पी साध ली थी तो अब इस मुद्दे पर जवाब कैसे देगी। सिर्फ सरकार की हीं गलती नहीं है गलती आम लोगों और मीडिया की भी है जो मौजूदा सरकार द्वारा धर्म और जाती के नाम पर डमरू बजा रही है और लोग उन मुद्दों पर नाच रहे है।   


सिर्फ SBI हीं नहीं और भी बैंक इस जबरन वसूली के रस्ते पर है पंजाब नेशनल बैंक ने इस वसूली से 97.34 करोड़ रुपये कमाए हैं। सेंट्रल बैंक ने 68.67 करोड़ रुपये और केनरा बैंक ने 62.16 करोड़ कमाए हैं। वहीं पंजाब और सिंध बैंक ने इस तरह का जुर्माना नहीं लिया है और वह ऐसा करने वाला एकमात्र बैंक है।


मतलब साफ है बैंकों के इन नीतिओं का कि आपके नकद लेन-देन के लिए रास्ते जबरन बंद किए जा रहे हैं। साथ हीं आपके पास जितना भी पैसा है उसे आप बैंक में रखिए और जैसे हीं आप बैंक में रखते हैं तो आपसे कहा जाता है कि कम रखा है, चलो अब जुर्माना भरो और अगर आप ज़्यादा रखेंगे तो ब्याज़ कम दिया जाएगा।