केजरीवाल शासित दिल्ली में मोहला क्लीनिका की तारीफ दुनिया करती है , वही योगी शासित राज्य के अस्पताल में 6 महीनों में 1,049 बच्चों की जान गयी

देश में अस्पतालों की क्या हालत है इससे तो बच्चा बच्चा वाकिफ है । लेकिन दिल्ली के मोहल्ला क्लिंक अपने आप में एक ऐसा उदहारण है जिससे सबको सबक लेनी चाहिए । साथ 2019 चुनाव आने को है , जिस वजह से प्रधान मंत्री मोदी देश के तमाम हिस्सों में रैलियाँ कर रहा । बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह जन संवाद करने देश के बड़े बड़े हस्तियों से मिल रहे है । लेकिन ऐसे में सीधा सवाल यह उठता है कि क्या कोई नेता या खुद प्रधानसेवक कभी गर्रेब जनता से संवाद किया जवाब है नहीं । तभी तो गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कॉलेज में छह महीनों में 1,049 बच्चों की मौत हो गई है।

गोरखपुर का बीआरडी अस्पताल पिछले साल मीडिया के सुर्ख़ियों में आया था । जब वह एक साथ 64 बच्चों की जान चली गयी थी ।  और अब इनमें इंसेफलाइटिस से ग्रस्त 73 बच्चे शामिल है ।और सबसे अधिक एनआईसीयू (नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट) में 681 बच्चों की मौत हुई। ये बच्चे संक्रमण, सांस संबंधी दिक्कतों, कम वजन आदि बीमारियों से पीड़ित थे। इस वर्ष इंसेफलाइटिस से बच्चों की मौत बढ़ गई है।

मेडिकल कॉलेज में इस वर्ष 30 जून तक एनआईसीयू में 681 बच्चों की मौत हो गई जबकि पीआईसीयू में 368 बच्चों की मृत्यु हुई है। पीआईसीयू में इस अवधि में मृत बच्चों में 73 इंसेफलाइटिस रोगी थे।

वर्ष 2017 में छह महीनों (180 दिन)- जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल, मई और जून में 1,201 बच्चों की मौत हुई थी। इसमें 767 एनआईसीयू में और 434 पीआईसीयू में भर्ती थे।

आपको बता दें यह आकड़े गोरखपुर न्यूज लाइन ने जारी की है  . इनके अनुसार यह जानकारी उन्हें मेडिकल कॉलेज से विश्वसनीय सूत्रों से मिली है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन 10 अगस्त 2017 के आक्सीजन कांड के बाद से बच्चों की मौत के बारे में अधिकृत जानकारी नहीं दे रहा है। इस कारण मीडिया को सूत्रों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

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