दुनिया की 10वीं सबसे महंगी जगह है दिल्ली का यह मार्केट

भारत की एक जगह है जिसका नाम दुनिया की महंगी जगह के नाम की सूची में शामिल है। वो कोई दूसरी जगह नही बल्कि राजधानी दिल्ली की जगह कनॉट प्लेस है। किराए पर ऑफिस लेने के लिहाज से दिल्ली का कनॉट प्लेस दुनिया की दसवीं सबसे महंगी जगह मानी जाती है। हालांकि, पिछली बार के आकड़ो के मुताबिक के इस स्थान की रैंकिंग में एक पायदान नीचे आ गया है। प्रॉपर्टी सलाहकार कंपनी सीबीआरई के जानकारी के मुताबिक , 111 डॉलर प्रति वर्गफीट के सलाना किराए के साथ दिल्ली का कनॉट प्लेस ऑफिस के लिए पूरे विश्व की दसवीं सबसे महंगी जगह है। मुंबई का बांद्रा कुर्ला काम्पलेक्स इस आधार पर 16वें तथा नरीमन प्वायंट 30वें स्थान पर रहा है।

 

सीबीआरई ने बयान जारी किया है "दिल्ली का कनॉट प्लेस हमेश से फैमस है यहा काफी भीड़ होती है, यहा का क्राउड काफी शानदार रहता है, 111 डॉलर प्रति वर्गफीट के सालाना किराए के साथ कनॉट प्लेस को ऑफिस के लिए विश्व की दसवीं सबसे महंगी जगह के रूप में माना जाता है। इसके पायदान में एक स्थान है जो पीछे आया है। मार्च के महीने में यह नौवें स्थान पर था।

सीबीआरई के अध्यक्ष अंशुमन मैगजीन ने कहा कि देश में रीयल एस्टेट क्षेत्र की बेहतर मांग है जिसकी वजह से व्यावसायिक ऑफिस बाजार अब भी आकर्षक बना हुआ है। स्थिर लीज और किराया के साथ वैश्विक निवेशकों की जारी दिलचस्पी की वजह से भी यह क्षेत्र ने पहला पायदान पा लिया है।

 

रिलीज की गई रिपोर्ट के मुताबिक, विश्व भर में एशियाई बाजारों ने शीर्ष दस स्थानों में अपना दबदबा बनाया है। हॉन्ग कॉन्ग महंगे ऑफिस के मामले में शीर्ष तीन स्थानों में से दो पर कब्जा किया है। हॉन्ग कॉन्ग सेंट्रल 269 डॉलर प्रति वर्गफीट के सालाना किराए के साथ शीर्ष पर, बीजिंग के फायनेंस स्ट्रीट ने 174 डॉलर वर्गफीट सालाना किराए के साथ दूसरे और हॉन्ग कॉन्ग के वेस्ट कोलून ने 164 डॉलर प्रति वर्गफीट सालाना किराए के साथ तीसरे स्थान पर कब्जा किया है।

 

पांचवे न्ंबर पर न्यूयॉर्क का मिडटाउन मैनहट्टन और बीजिंग का सीबीडी भी शामिल है। शीर्ष दस में दिल्ली के कनॉट प्लेस के साथ तोक्यो का मारुनोऊची और ओतेमाची और शंघाई का पुदोंग भी शामिल है।