बंगाल में जारी बवाल के बीच 150 से अधिक डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा

हाल ही में पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्‍टरों की बेरहम पिटाई की गयी थी। जिसके बाद इस मामले ने हिंसक रूप ले लिए है। अब इस मामले का असर पूरे देश में दिखने को मिल रहा है।  

वही इन सबके बीच प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को अब दिल्ली, मुबंई, पुणे समेत देश के कई हिस्सों से भी डॉक्टरों का समर्थन मिल रहा है। पंचायत चुनाव से शुरू हुई हिंसा की आग लोकसभा चुनाव बाद भी सुलग रही है। बीजेपी और टीएमसी के बीच बर्चस्व की लड़ाई में पूरा बंगाल धधक रहा है, लेकिन ममता कहती हैं बंगाल में सब ठीक है। सियासी हिंसा में सैकड़ों कार्यकर्ताओं की आहूति देने वाली बीजेपी का गुस्सा अभी थमा भी नहीं था कि, धरती के भगवान भी ममता से नाराज हो उठे हैं। जूनियर डॉक्‍टरों के साथ पिटाई से नाराज देश के कई राज्‍यों में बड़ी संख्‍या में डॉक्‍टर हड़ताल पर चले गए।

वही डॉक्‍टरों की हड़ताल से मुंबई, कोलकाता, नागपुर, पटना, हैदराबाद, वाराणसी समेत कई शहरों में मेडिकल सेवाएं लगभग ठप पड़ी है। इतना ही नहीं घटना के विरोध में बंगाल के करीब 150 डॉक्‍टरों ने एक साथ इस्‍तीफा ठोक दिया है। जो हर घंटे के साथ बढ़ती ही जा रहा है।

राज्य में जारी हिंसा पर केंद्र से फटकार खा चुकी ममता को ‘भगवान’ के अपमान पर कोलकाता हाई कोर्ट ने भी डांट लगाई है। कोर्ट ने शख्त लहजे में कहा कि आपने डॉक्टरों से बातचीत कर मामला सुलझाने का प्रयास क्यों नहीं किया। आपकी सरकार ने अब तक डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं।

हालांकि कोर्ट ने इन सवालों का जवाब देने के लिए ममता को एक सप्ताह का वक्त दिया है, लेकिन इससे बड़ी चुनौती नाराज डॉक्टरों को मनाने की है। डॉक्टरों के हड़ताल के कारण अकेल बंगाल में ही 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.