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दो दिन मनाई जाएगी रामनवमी, जाने पूजन-विधि, तिथि और शुभ मुहूर्त

अमृतसर के जलियांवाला बाग के नरसंहार कांड को आज यानी 13 अप्रैल को 100 साल पूरे हो रहे हैं। हमारे इतिहास में ये दिन एक बेहद दुखद घटना के साथ याद किया जाता है। जालियांवाला बाग कांड 13 अप्रैल 1919 को हुआ था। 100 साल पूरे होने के मौके पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी जिसके लिए वहां एक खास कार्यक्रम होने वाला है। आपको बता दें कि उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और पंजाब के राज्यपाल शहीदों को श्रदांजलि देंगे। वहीं आज सुबह यानि शानिवार सुबह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अमृतसर पहुंचे और उन्होंने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी मौजूद रहे। बता दें कि इस मौके पर शहीदों की याद में सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया जाएगा।

क्या हुआ था इस दिन:-

सौ साल पहले इसी दिन हजारों भारतीय एक शांतिपूर्ण सभा के लिए एकत्रित हुए थे। उस दिन बैसाखी थी। इस कांड के दो दिन पहले कुछ ऐसा हुआ था जिससे ब्रिटिश सरकार गुस्से से बौखलाई हुई थी। गुस्से में ब्रिटिश सरकार ने अपने जल्लाद अफसर जनरल डायर को अमृतसर भेज दिया। जनरल डायर 90  सैनिकों को लेकर शाम करीब चार बजे पहुंचा। डायर ने सभा कर रहे लोगों पर गोली चलवा दी।

अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के नजदीक जलियांवाला बाग नाम के इस बगीचे में अंग्रेजों की गोलीबारी से घबराई बहुत सी औरतें अपने बच्चों को लेकर जान बचाने के लिए कुएं में कूद गईं। रास्ता सकरा होने के कारण बहुत से लोग भगदड़ में कुचले गए और हजारों लोग गोलियों की चपेट में आए। गोलीबारी के बाद कुएं से 200 से ज्यादा शव बरामद हुए थे। इसके विपरीत खालसा पंथ की नींव भी 13 अप्रैल के दिन ही रखी गई थी। 13 अप्रैल 1699 को दसवें गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी।

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