अमेरिका:कई विस्फोटो के चलते,40 इमारतो में लगी आग,70 लोगो की मौत

जब-जब मानव प्रकृति के नियमो के विरुद्ध जाता है तब उसे आज नहीं तो कल नुकसान झेलना ही पड़ता है।इसी तरह अमेरिका को भी प्रकृति की मार झेलनी पड़ रही है।दरअसल अमेरिका के बोस्टन के करीब स्थित तीन कस्बों में आगे लगने तथा संदिग्ध गैस विस्फोटों के बाद बड़ी संख्या में लोगों को वहां से निकालने का काम चल रहा है। पुलिस ने बताया कि विस्फोटों में इन इलाकों में रहने वाले कम से कम 10 निवासी घायल हो गए हैं जिनमें से एक गंभीर रूप से घायल है।

मैसाच्युसेट्स स्टेट पुलिस ने कहा कि उन्हें लॉरेंस, एंडोवर और उत्तरी एंडोवर के बड़े हिस्सों से आग लगने, विस्फोट होने और गैस की गंध आने की सूचनाएं मिली हैं। पुलिस ने ट्वीट किया, “फिलहाल गैस लाइन का दबाव कम करने का काम किया जा रहा है और इसमें कुछ वक्त लग सकता है।” पुलिस ने कहा, “आस-पड़ोस के जिन इलाकों से गैस की गंध आ रही है उन जगहों को खाली कराने का काम जारी है। कारणों का अनुमान लगाना अभी बहुत जल्दबाजी होगी। स्थिति पर काबू पाने के बाद संयुक्त जांच कराई जाएगी।”

उन्होंने बताया कि अधिकारी हजारों मीटर की दूरी तक बिजली की आपूर्ति बंद करेंगे और कोलंबिया गैस से उपयोगिता सेवाएं लेने वाले तीनों कस्बों के निवासियों को फौरन इलाका खाली करने को कहा गया है। गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति में कंपनी ने कहा था कि वह, “राज्यभर के आस-पड़ोस के इलाकों में प्राकृतिक गैस लाइनों का अद्यतन करने वाली है।

लॉरेंस के मेयर ने कस्बे के दक्षिणी क्षेत्र में रह रहे सभी लोगों से बिजली आपूर्ति बंद किए जाने से पहले घरों को छोड़ने को कहा है। वहीं लॉरेंस जनरल हॉस्पिटल ने कहा है कि वह गैस विस्फोट में घायल हुए 10 लोगों का इलाज कर रहा है जिनमें से एक की हालत नाजुक बनी हुई है और एक अन्य गंभीर हालत में है। विस्थापितों को शरण देने के लिए रेड क्रॉस सेंटर खोले गए हैं और शुक्रवार को लॉरेंस क्षेत्र के स्कूल बंद रखे गए हैं। संघीय एजेंसी ने ट्वीट कर बताया कि नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड से जांचकर्ताओं की एक टीम शुक्रवार सुबह मौके पर पहुंचने वाली है।

मैसाच्युसेट्स के गवर्नर चार्ली बेकर ने एक बयान में कहा कि वह “सक्रिय रूप से स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।” साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वह स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।

खैर हम सब अब यही दुआं करेंगे की अमेरिका में यह संकट जल्द से जल्द खत्म हो जाए और कम से कम लोगों की मौत हो।

 

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