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भारत आने वाले अमेरिकी विदेश मंत्री बोले- मोदी है तो मुमकिन है…

भारत में अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ इस महीने दौरा करने वाले हैं। वहीं, इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नवनियुक्त विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात करेंगे।

दरअसल, पोम्पिओ भारत आने से पहले भारतीय जनता पार्टी का चुनाव के वक्त लोकप्रिय नारा ”मोदी है तो मुमकिन है” को दोहराया है। माइक पोम्पेओ ने बुधवार को यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल के इंडिया आइडियाज समिट में भाषण दिया। उन्होंने कहा, ”जैसा प्रधानमंत्री मोदी ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान नारा दिया ‘मोदी है तो मुमकिन है’ या ‘मोदी मेक्स इट पॉसिबल’, मैं भी भारत और अमेरिका के बीच संबंध को आगे बढ़ते देख रहा हूं।”

साथ ही उन्होंने कहा, “मैं इस महीने के अंत में नई दिल्ली की यात्रा, पीएम मोदी और उनके नए विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिलने के लिए बहुत उत्सुक हूं।” मालूम हो माइक पोम्पिओ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात के दौरान भारत और अमेरिका के मध्य सामरिक साझेदारी के एक महत्वाकांक्षी एजेंडे पर चर्चा करेंगे। पोम्पिओ 24 से 30 जून तक हिंद-प्रशांत क्षेत्र के चार देशों- भारत, श्रीलंका, जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा करेंगे।

वहीं, विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मोर्गन ओर्तागस ने मंगलवार को कहा कि पोम्पिओ की हिंद-प्रशांत के चार देशों की यात्रा का मकसद अमेरिका की महत्वपूर्ण देशों के साथ साझेदारियों को और मजबूत करना है ताकि मुक्त और निर्बाध हिंद-प्रशांत के साझा लक्ष्य को पाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी को चुनावों में हाल में मिली जीत ने वैश्विक मंच पर अहम भूमिका निभाने वाले सशक्त एवं समृद्ध भारत के लिए अपने दृष्टिकोण को लागू करने के लिए सुअवसर प्रदान किया है।”

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री मोदी का जापान के ओसाका में 28-29 जून को होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन के इतर भी मुलाकात करने का कार्यक्रम है। उन्होंने विस्तृत जानकारी दिए बिना बताया कि मोदी और जयशंकर के साथ बैठक में पोम्पिओ भारत और अमेरिका की सामरिक साझेदारी के लिए हमारे महत्वाकांक्षी एजेंडे पर चर्चा करेंगे।

बता दें कि, पोम्पिओ नयी दिल्ली से कोलंबो जाएंगे जहां वह ईस्टर के मौके पर हुए आतंकवादी हमले के खिलाफ श्रीलंका के लोगों के प्रति अमेरिकी एकजुटता भी प्रदर्शित करेंगे। इसके बाद पोम्पिओ जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में ओसाका जाएंगे। यात्रा के अंत में वह दक्षिण कोरिया जाएंगे।

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