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Geneva Convention : घबराइए मत इस तरह भारत सरकार बचाएगी देश के बहादुर बेटे विंग कमांडर अभिनंदन को

Geneva Convention  के तहत भारत सरकार पाकिस्तान से विंग कमांडर अभिनंदन को वापस ला सकती है।जिनका लड़ाकू विमान पाकिस्तान के वायुसेना को जवाब देते वक़्त क्रैश कर गया था। विमान के क्रैश होने के बाद पाकिस्तान ने विंग कमांडर अभिनंदन का विडियो जारी किया। जिसके बाद भारत ने भी मान लिया की विंग कमांडर अभिनंदन का प्लेन क्रैश कर गया है और इस वक़्त वह पाकिस्तान के गिरफ्त में है।

लेकिन भारत Geneva Convention के तहत विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई करवा सकती है।

क्या है Geneva Convention ?

दुसरे विश्वयुद्ध के बाद साल 1949 में 194 देशों ने मिलकर जेनेवा की चौथी संधि की थी । जिसके तहत युद्धबंदियों (POW) के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार नहीं होना चाहिए। उनके साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। साथ ही सैनिकों को कानूनी सुविधा भी मुहैया करानी होगी। जेनेवा संधि के तहत युद्धबंदियों को डराया-धमकाया नहीं जा सकता इसके अलावा युद्ध के बाद युद्धबंदियों को वापस लैटाना होता है।

ऐसा ही कुछ भारत ने साल 1971 में पाकिस्तान के 93000 युद्धबंधियो के साथ किया था। भारत ने सभी पाकिस्तानी सैनिको को Geneva Convention के तहत पाकिस्तान को वापस लौटा दिया था।जिसका हवाला इस बार भारत विंग कमांडर अभिनंदन को छुरवाने के लिए इस्तेमाल कर सकता है।

Geneva Convention से युद्धबंधियो को कैसा फ़ायदा

इस संधि के तहत घायल सैनिक की उचित देखरेख की जाती है।

संधि के तहत उन्हें खाना पीना और जरूरत की सभी चीजें दी जाती है।

इस संधि के मुताबिक किसी भी युद्धबंदी के साथ अमानवीय बर्ताव नहीं किया जा सकता।

किसी देश का सैनिक जैसे ही पकड़ा जाता है उस पर ये संधि लागू होती है। (फिर चाहे वह स्‍त्री हो या पुरुष)

संधि के मुताबिक युद्धबंदी को डराया-धमकाया नहीं जा सकता।

युद्धबंदी की जाति, धर्म, जन्‍म आदि बातों के बारे में नहीं पूछा जाता।

Deepak Prakash

Deepak Prakash is an Indian Journalist. He is an alumni of ISOMES News 24. with more than one year of experience in digital media. he had worked For many media Houses including Broadcast channels and has been always associated to News 24 . currently he heads the Sports and international desk for Khabarinfo .