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ऐसे की गयी थी भारत द्वारा पाकिस्तान पर किए गए एयर स्ट्राइक की प्लानिंग

मंगलवार को भारत ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले का बदला लिया है। भारत ने बड़ी करवाई करते हुए पाकिस्तान में बैठे आतंकियों को खत्म करने के लिए एयर सर्जिकल स्ट्राइक की। वही इस एयर स्ट्राइक को लेकर कई तरह के सवाल किए जा रहे है कैसे भारत ने इस स्ट्राइक की प्लानिंग की गयी थी।

जानकारी के अनुसार इस स्ट्राइक के लिए वायुसेना ने उन्हीं मिराज-2000 विमानों को चुना, जिनकी 1999 की करगिल जंग जीतने में अहम भूमिका थी। इन विमानों के साथ एयरबोर्न वॉर्निंग सिस्टम वाले विमानों, सर्विलांस ड्रोन और मिड एयर रिफ्यूलर जेट को भी भेजा गया था। वही मिशन के दौरान बैकअप के लिए 16 सुखोई-30 विमान भी तैनात किए गए थे।

बता दे 12 मिराज-2000 विमानों ने पाक स्थित बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैम्प पर छह बम बरसाए और 350 आतंकियों को मार गिराया। भारतीय विमानों की फॉर्मेशन देखकर पाकिस्तान के जहाज लौट गए।

सूत्रों के मुताबिक,इस एयर स्ट्राइक की प्लानिंग कुछ ऐसे की गयी थी

प्लानिंग के अनुसार मंगलवार की सुबह पाकिस्तान के बालाकोट में सर्जिकल स्ट्राइक के लिए मिराज 2000, सर्विलांस विमानों और मिड एयर रिफ्यूलिंग टैंकर ने अलग-अलग जगहों से उड़ान भरी। हवाई हमले से पहले इजरायल निर्मित हेरोन सर्विलांस ड्रोन को भी भेजा गया। इसके बाद टारगेट का फाइनल सर्वे किया।

सर्विलांस विमान नेत्र और इजरायली हेरोन ड्रोन ने इस ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आपात परिस्थितियों के लिए मिड एयर रिफ्यूलिंग जेट को भी आसमान में तैनात रखा गया था।

लड़ाकू विमानों के साथ इन सभी विमानों ने पश्चिमी और मध्य कमांड के अलग-अलग एयरबेस से उड़ान भरी। इसके चलते पाकिस्तान का रक्षा तंत्र असमंजस में पड़ गया कि आखिर ये विमान किस दिशा में जाएंगे। इनमें से कुछ विमानों ने बालकोट की दिशा ली और उस शिविर पर हमला कर दिया जहां बड़ी तादाद में आतंकी मौजूद थे और सो रहे थे।

हमले में फ्रांस निर्मित एक-एक हजार किलोग्राम के माटरा (Matra) बम का इस्तेमाल किया गया। ये लेजर गाइडेड बम होते हैं। मुश्किल लक्ष्यों पर एकदम सटीक प्रहार करने के लिए इस तरह के बमों का इस्तेमाल किया जाता है। इनकी खास बात यह है कि लक्ष्य के अलावा अन्य किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाते।

हमले के बाद पाकिस्तान के सर्विलांस विमानों ने भारतीय मिराज विमानों को डिटेक्ट तो कर लिया लेकिन भारतीय विमानों की फॉर्मेशन को देखते हुए उनके एफ-16 विमान जवाबी कार्रवाई करने की बजाय लौट गए।