झारखण्ड में जबरन धर्मांतरण करा रहे 16 इसाई मिशनरियों को किया गया गिरफ्तार

भारत में धर्मांतरण गैर कानूनी और आपराधिक है और इसी से उल्लेखनीय एक मामला सामने आया है। झारखंड के दुमका जिला में कुछ लोग अवैध तरीके से धर्म का प्रचार प्रसार कर रहे थे। जिसमें दूसरे धर्म को गलत बताकर जबरन लोगो का धर्म परिवर्तन करने की कोशिश की जा रही थी। इस पूरे मामले में 16 ईसाई धर्म प्रचारकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगो में 7 महिलाएं भी शामिल है।

भारत धर्म निरपेक्ष देश है जंहा पर सभी धर्म समान है और इसीलिए सबको अपने धर्म का प्रचार प्रसार करने की पूरी तरह से आज़ादी है। लेकिन उसके लिए भारत के संविधान में कुछ नियम बताए गए है जिनका पालन करना बेहद जरुरी है।

कानून के तहत आप जबरन किसी का धर्म परिर्वतन नही करा सकते। इसी के अधीन दुमका जिला में 16 ईसाई प्रचारकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। 16 गिरफ्तार ईसाई प्रचारकों पर आरोप कि वह शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के सुदूर फूलपहाड़ी गांव में ग्रामीणों के बीच ग़ैरक़ानूनी ढंग से धर्म का प्रचार कर रहे थे और उन पर अपना धर्म बदलने के लिए ज़ोर दे रहे थे।

आपको बता दें कि इस पूरे मामले कि पुष्टि पुलिस ऑफिसर कौशल किशोर ने की है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 16 गिरफ्तार ईसाई प्रचारक ईसाई संगठन से जुड़े हुए थे लेकिन अभी तक संगठन का नाम स्पष्ट नही हो पाया है। इस पूरे मामले की शिकायत गांव के प्रधान और ग्रामीणों के द्दारा की गई थी जिसके बाद इन 16 ईसाई प्रचारकों को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि इन 16 आरोपियों पर झारखंड स्वतंत्र की धारा 4 और भारतीय दंड संहिता की धारा 295ए व 34 के तहत मामला दर्ज किया है।

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