जम्मू-कश्मीर में 6 पुलिसकर्मियों ने दिया इस्तीफा,मंत्रालय ने नकारा

जम्मू-कश्मीर में लगातार आतंकी घटनाएं हो रही है और सरकार के तमाम पॉलिसी के बावजूद यह घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही है।जम्मू कश्मीर में इन आतंकी घटनाओं में कई सारे आम लोग और पुलिस वालों की मृत्यु हो जाती है या फिर वह घायल ह जाते है।जम्मू-कश्मीर में हालत इतने खराब होते जा रहे है कि पुलिसवाले वहां पर नौकरी ही नहीं करना चाहते।अभी हाल ही में 6 पुलिसकर्मियों ने इस्तीफा देने की घोषणा की है।

आतंकियों द्वारा तीन पुलिसकर्मियों को अगवा कर मौत के घाट उतारे जाने के बाद शुक्रवार को छह पुलिसकर्मियों ने नौकरी से इस्तीफे का एलान कर दिया है।इस इस्तीफे का फिलहाल औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है।  इस बीच, गृह मंत्रालय ने कहा है कि कश्मीर में किसी विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) ने इस्तीफा नहीं दिया है।

गृह मंत्रालय के मुताबिक, जम्मू कश्मीर के शोपियां में आतंकियों द्वारा की गई तीन पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि जम्मू कश्मीर के पुलिस अफसरों ने इस्तीफा दे दिया है। जम्मू कश्मीर पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि यह जानकारी गलत है। 30000 से अधिक एसपीओ हैं। समय-समय पर उनकी सेवाओं की समीक्षा की जाती है। कुछ शरारती तत्व यह अफलाह फैला रहे हैं कि इनकी सेवाओं को प्रशासनिक कारणों से नवीनीकृत नहीं किया गया है। इस कारण इन्होंने  इस्तीफा दे दिया है।

सुबह आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर में शोपियां के बटगुंड व कापरिन में दो एसपीओ और एक पुलिस कांस्टेबल को अगवा कर मौत के घाट उतार दिया। बीते अप्रैल माह से अब तक कश्मीर में आतंकियों के डर से पुलिस की नौकरी से इस्तीफे का एलान करने वाले पुलिसकर्मियों की संख्या लगभग 30 से ऊपर हो गई है।

पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद आतंकी कमांडर रियाज नायकू ने ट्वीट कर हत्याओं की जिम्मेदारी ली और कहा कि हम उन एसपीओ के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जो हमारे हुक्म के मुताबिक नौकरी छोड़ घर नहीं बैठेंगे। हम किसी भी जगह किसी भी एसपीओ को अगवा कर मौत के घाट उतार सकते हैं।

एसपीओ पुलिस संगठन के नियमित कर्मी नहीं होते और इन्हें एक निश्चित मासिक मानदेय प्रदान किया जाता है। यह आतंकरोधी अभियानों से लेकर सामान्य पुलिस गतिविधियों में आवश्यक्ता रुप एक पुलिसकर्मी की तरह ही सहयोग करते हैं। एसपीओ की भर्ती स्थान विशेष की आवश्यक्तानुरूप भी होती रही है। लेकिन बीते कुछ सालों से इनकी भर्ती को पूरी तरह नियमित किया गया और एसपीओ के लिए बाकायदगी से आवेदन आमंत्रित कर, उनकी लिखित परीक्षा, शारीरिक दम खम का भी इम्तिहान लिया जाता है।

पुलिस वालो का यूं छोड़ कर जाना पूरे देश के लिए दुखद है और यह साफ दिखाता है कि हमारे देश की पुलिस ने आतंकवादियों के आगे हार मान ली हा तभी वह जम्मू कश्मीर में तैनाती के लिए तैयार नहीं है।

 

 

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Deepak Prakash

Deepak Prakash is an Indian Journalist. He is an alumni of ISOMES News 24. with more than one year of experience in digital media. he had worked For many media Houses including Broadcast channels and has been always associated to News 24 . currently he heads the Sports and international desk for Khabarinfo .