मुजफ्फरपुर कांड: आखिरकार इस तरह पूर्व मंत्री मंजू वर्मा ने कोर्ट मेँ किया सरेंडर

खबर आ रही है कि बिहार की पूर्व मंत्री और बहुचर्चित मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड की आरोपी मंजू वर्मा ने बेगूसराय के मंझौल अनुमंडल कोर्ट में सरेंडर कर दिया। खबरों की माने तो सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणियों और चारो तरफ से बन रहे दबाव के बाद आखिकार मंगलवार को बिहार सरकार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा ने आत्मसमर्पण कर दिया। मिली जानकारी के मुताबित बेगूसराय के मंझौल अनुमंडल कोर्ट में वर्मा ने सरेंडर किया है।

 

सूत्रों की माने तो मंजू वर्मा बुर्का पहनकर सरेंडर करने पहुंची थीं। जानकारी के लिए बताना चाहेंगे कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम रेप केस के सिलसिले में सीबीआई ने 17 अगस्त को मंजू वर्मा के बेगूसराय जिला स्थित आवास पर छापेमारी की थी। ऐसा बताया जा रहा है कि इस दौरान उनके घर से अवैध हथियार के साथ 50 कारतूस बरामद किए थे। वही इसे लेकर दर्ज केस के बाद से ही मंजू वर्मा फरार चल रही थीं।

हुआ यूं था कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए बेहद तीखी टिप्पणी की थी। इतना ही नहीं बल्कि इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने बिहार पुलिस को फटकार लगाते हुए राज्य के डीजीपी को पेश होने का आदेश भी दिया था। ऐसा बताया जा रहा है कि इस मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को होनी है।

बता दे कि सुप्रीम कोर्ट की फटकार और मंझौल अदालत की तरफ से पूर्व मंत्री मंजू वर्मा की संपत्ति जब्त करने के आदेश के बाद 17 नवंबर को पुलिस ने बेगूसराय स्थित उनके घर के बाहर संपत्ति जब्त करने से जुड़ा नोटिस चस्पा किया था। वही बढ़ते दबाव के बीच मंगलवार को मंजू वर्मा ने मंझौल अनुमंडल कोर्ट में सरेंडर कर दिया।

# जाने क्या है मामला-

दरअसल बिहार के बहुचर्चित मुजफ्फरपुर शेल्टर होम रेप कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा का करीबी माना जाता है। इस कांड के कारण मंजू वर्मा को बिहार की नीतीश कैबिनेट से इस्तीफा देना पड़ा। मिली जानकारी के मुताबित सुप्रीम कोर्ट ने 31 अक्टूबर को इस मामले की पिछली सुनवाई के दौरान भी बिहार पुलिस को लताड़ लगाई थी। आपको बता दें कि मुजफ्फपुर शेल्टर होम में कई लड़कियों से कथित तौर पर बलात्कार हुआ था। बताना चाहेंगे कि टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) द्वारा राज्य के समाज कल्याण विभाग को सौंपी गई एक ऑडिट रिपोर्ट में यह मामला सबसे पहले प्रकाश में आया था।

इस मामले के दौरान बेगूसराय जिला स्थित आवास पर छापेमारी के चलते अवैध हथियार और कारतूस मिलने पर मंजू वर्मा और उनके पति चन्द्रशेखर वर्मा के खिलाफ चेरिया बरियारपुर थाने में केस दर्ज किया गया था। फिर इसके बाद मंजू वर्मा फरार थीं। लेकिन दूसरी ओर मंजू वर्मा के पति चन्द्रशेखर वर्मा ने 29 अक्टूबर को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।

मीडिया रिपोर्ट की माने तो सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा था, ‘हम हैरान हैं कि पुलिस एक पूर्व कैबिनेट मंत्री का महीने भर में सुराग तक नहीं लगा पाई। पुलिस बताए कि आखिर इतनी महत्वपूर्ण शख्स को अबतक ट्रेस क्यों नहीं कर पाई। डीजीपी कोर्ट में पेश हों।’ इतना ही नहीं बल्कि जस्टिस मनन बी. लोकुर ने बिहार पुलिस से कहा था, ‘बहुत बढ़िया! कैबिनेट मंत्री (मंजू वर्मा) फरार है… बहुत बढ़िया… यह कैसे हो सकता है कि कैबिनेट मंत्री फरार हो और किसी को पता ही न हो कि वह कहां हैं। आपको इस मुद्दे की गंभीरता पता है कि कैबिनेट मंत्री फरार हैं। हद है, यह बहुत ज्यादा है।’

Share this...
Share on Facebook
Facebook
Tweet about this on Twitter
Twitter