देवी मां को चढ़ा 16 करोड़ रुपए का घी, जाने क्या है मामला

ऐसा देखा जाता है कि भगवान की मूर्ति पर चढ़ाने के लिए लोग प्रसाद से लेकर पैसे, फ़ूल हर वो चीज चढ़ाते हैं जिनसे उनकी ईश्वर के प्रति भक्ति पूर्ण हो सके। लेकिन क्या हो अगर16 करोड़ का चढ़ावा चढ़ जाये। सोचिए क्या कोई इतना महंगा और ज्यादा मात्रा में देवी माँ की मूर्ती पर घी चढ़ा सकता है जिसकी कीमत करोड़ों में हो। जी हां, खबर आ रही है कि श्रद्धालुओं के लिए ये नामुमकिन नहीं है। ऐसा बताया जा रहा है कि उन्होनें देवी माँ की मूर्ती पर 16 करोड़ रुपए का घी अभिषेक किया है।

दरअसल, गुजरात के गांधीनगर जिले के रूपाल गांव में शुक्रवार को पल्ली महोत्सव मनाया गया था। खबरों की माने तो इसमें वरदायिनी माता के दर्शन के लिए 5 लाख से भी ज्यादा श्रद्धालु देवी मां का आशीर्वाद लेने पहुचें थे। मिली जानकारी के मुताबित यहां महोत्सव से 12 घंटे पहले से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगना शुरू हो जाती है। यह महोत्सव चार घंटो तक चला जिसमें देवी मां का अभिषेक करने के लिए चार लाख का घी इस्तेमाल किया गया था। इस घी की अनुमानित कीमत 16 करोड़ रूपए बताई जा रही है।

ऐसा बताया जाता है कि इस गांव में घी से अभिषेक करने की परंपरा महाभारतकाल से चली आ रही है। यहां जो भी भक्त दर्शन के लिए आते हैं वे सभी देवी मां का घी से अभिषेक जरूर करते हैं, ताकि उनकी मनोकामना जल्दी पूरी हो जाए। जिसकी भी इच्छा पूरी हो जाती है वह भी यहां घी से अभिषेक करने जरूर आता है। ताकि देवी माँ की कृपा उनपर बनी रहे। इसके बाद देवी मां को चढ़ाया हुआ घी लोग प्रसाद के रूप में अपने घर ले जाते हैं।

जानकारी के लिए बताना चाहेंगे कि इस गांव में मान्यता है कि यहां पांडवों ने भी देवी मां पर अभिषेक किया है। पांडव महाभारत युद्ध में विजय प्राप्त करने के बाद वरदायिनी माता के दर्शन करने के लिए यहां आए थे। उन्होनें सोने की पल्ली बनाकर चारों दिशाओं में शोभायात्रा निकाल कर पंच बलियज्ञ किया था। तभी से ही यह परंपरा अब तक चली आ रही है। पुरानी परंपरा को देखते हुए बड़े-बुजुर्ग आज तक इसे निभा रहे हैं।

 

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