गाजिपुर में कचरे के पहाड़ को लेकर NGT ने लगाई फटकार

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खबर_संवाददाता - Shaini

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गाजीपुर में कचरे का पहाड़ का ढेर ढहने को लेकर सख्ती की है, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार, पूर्वी दिल्ली नगर निगम (ईडीएमसी) और अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया। न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपने वैधानिक दायित्वों का निर्वाह न करने के लिए आप सरकार की इस मामले में खिंचाई की।

पीठ ने सवाल कर के पुछा कहा कि आपने अधिकरण द्वारा समय समय पर जारी किए गए आदेशों का पालन क्यों नही किया? क्या उन्हें इसी तरह कचरे के नीचे मर जाना चाहिए? हमने आप से कचरे के ढेर की ऊंचाई घटाने और कचरे को कम करने के लिए उचित कदम उठाने को कहा था। आपने ऐसा क्यों नहीं किया? बता दे कि इस पीठ में न्यायमूर्ति आर एस राठौर भी शामिल हैं। पीठ ने आगे कहा "आप राष्ट्रीय राजधानी में लोगों को कचरे के ढ़ेर से मार रहे हैं। यह एक शहर के लिए बहुत ज्यादा अपमानजनक और कुछ नहीं हो सकता।

इस मामले की अगली सुनवाई पीठ ने 12 सितंबर को तय की गई है। याद दिला दे कि पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर में भारी बारिश के कारण कचरे के 45 मीटर ऊंचा कचरा का पहाड़ गिर गया था जिसमें दो लोगों की जान चली गई थी। इस दौरान एक कार और तीन दुपहिया वाहन कचरे के वेग से एक नहर में जा गिरे।


इस लैंडफिल का प्रबंधन करने वाले ईडीएमसी के अधिकारियों के मुताबिक, यह स्थान साल 2002 में पूरी तरह भर चुका था और स्थानीय निकाय लंबे समय से वैकल्पिक स्थान की तलाश कर रहा है। गाजीपुर का यह लैंडफिल साल 1984 में शुरू किया गया था तथा यह 29 एकड़ से अधिक भूभाग में फैला हुआ है। अधिकारियों की जानकारी के मुताबिक, यहां डाले जाने वाले कचरे के ढेर की लगभग ऊंचाई 20 मीटर है। रोजाना यहां 2,500 से लेकर 3,000 मीट्रिक टन कचरा यहा फेका जाता है।