बेरहम हरियाणा पुलिस, आंखे मूंदे सरकार

  • बेरहम हरियाणा पुलिस, आंखे मूंदे सरकार

खबर_संवाददाता - Deepak

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हरियाणा के नक्षत्र अब सही नहीं है एक तरफ सिरसा की सरसराहट अभी थमी भी नहीं है कि रेयान ने सभी के रोंगटे खड़े कर दिए है और सवालो के घेरे में सरकार,प्रशांसन और पुलिस आ गयी है। सरकार की नाकामी सिरसा और पंचकुला में सभी के सामने थी और रेयान स्कूल में अभिवावको पर पुलिस का लाठी चार्ज भी सरकारी तंत्र की खोखली ताकत का नमूना पेश कर रहा है। हरियाणा में उसी पार्टी की सरकार है जिसके मुखिया केंद्र की सत्ता में प्रधान सेवक बन कर आये थे लेकिन कही न कही उस सेवक ने खट्टर सरकार को वो पाठ नहीं पढ़ाया है जिसमे सेवक दुखी लोगो की आवाज़ को दबाने के लिए लाठी का सहारा नहीं लेते है बल्कि आवाज़ की गंभीरता को समझते हुए उसके व्यापक हल पर काम करते हैं। हरियाणा की सरकार लाख सुशांसन के दावे करे लेकिन ये तब तक बेमानी नज़र आते है जबतक ये हकीकत की पृष्टभूमि पर परखे नहीं जाते और पिछले सभी घटनाक्रम यही बयान कर रहे है कि दावों और हकीकत में अभी कोसो की दुरी है।

 

    बेरहम हरियाणा पुलिस, आंखे मूंदे सरकार

शिक्षामंत्री के बोलबचन

हरियाणा के शिक्षा मंत्री रेयान में हुए 6 साल के बच्चे के बेहरमी से हुए क़त्ल के बाद स्कूल का दौरा करने गए और उसके बाद उन्होंने प्रेस को सम्बोधित करते हुए बताया कि गुनहगार सलाखों के पीछे है और स्कूल प्रशासन पर मुकदमा दर्ज हो गया है, किसी भी दोषी को कभी नहीं बक्शा जाये गए।प्रोफ़ेसर शर्मा ने ये भी बताया कि स्कूल के बाहर एक शराब का ठेका चल रहा था जिसे अब बंद करा दिया गया है। स्कूल की मान्यता रद्द करने के सवाल पर उन्होंने साफ़ कहा ये संभव नहीं है क्योकि इस संस्थान में हज़ारो बच्चे पढ़ते है और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए मान्यता रद्द करना संभव नहीं है। लेकिन शिक्षा मंत्री अपनी बात से कुछ सवालो के जवाब जरूर छुपा ले गए , ये वो बुनियादी सवाल है जो सभी के जहन को कसोट रहे है।

मंत्री महोदय कहते है कि स्कूल प्रशासन की गलती की भेट 6 साल का मासूम चढ़ गया है तो फिर सवाल उठता है कि उन हज़ारो बच्चो के भविष्य का हवाला दे कर स्कूल पर केवल केस दर्ज़ करने की बात भर से क्या आगे ऐसा नहीं हो गा ये सुनिश्चित किया गया है? क्या स्कूल प्रशासनन से सुरक्षा के मानक तय करने का भी कोई आश्वासन लिया गया है ?

मंत्री जी कहते है कि स्कूल के पास के शराब के ठेके को बंद करा दिया गया है ,लेकिन सवाल उठता है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार शिक्षा के मंदिर के आस पास कोई भी नशे का प्रदार्थ नहीं बेच सकता है फिर 30 कदम की दुरी पर उस ठेके को चलने की अनुमति कैसे मिल गयी ? गौतलब है 10 साल से ज्यादा समय से रेयान स्कूल वही था जबकि ठेके की अनुमति मात्र 3 महीने पहले खट्टर सरकार के आने के बाद मिली है। क्या सरकार उस व्यक्ति पर भी कार्यवाही करे गी जिसने नियमो को ताक पर रख कर ठेके की अनुमति दी है ?

कुछ सवालो के जवाब तो खुद शिक्षा मंत्री के पास भी नहीं थे। जब राम विलास शर्मा से पूछा गया कि स्कूल के खिआफ़ प्रदर्शन कर रहे अभिवावको पर लाठी क्यों भांजी गयी तो वो उस सवाल से कन्नी काट गये यही नहीं जब उनसे पूछा गया कि ये स्कूल बी जे पी सदस्या का है क्या इसी लिए इस पर कार्यवाही में देरी हो रही है,इस पर भी मंत्री जी के बोल बचन कम ही निकले। खैर ये वो बुनियादी सवाल है जो तुरंत कार्यवाही के साथ साथ भविष्य में भी अपने होनहार की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करे गे।

 

पुलिसगिरी पर भी उठे सवाल

पिछले कई दिनों के घटना क्रम के बाद से ही हरियाणा पुलिस हर बार सवालो के घेरे में है। बी जे पी हरियाणा नेता के लड़के की छेड़छाड़ को छुपाने पर सवाल हो या फिर सिरसा में सुरक्षा की चूक का मसला हो सभी घटनाओ में पुलिस की नाकामी किसी से छुपी नहीं है और हद तो तब हो गयी है जब पुलिस की बर्बरता का शिकार वो आम लोग हो रहे है जो अपनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते है।रेयान स्कूल के सामने जब अपने बच्चे के खोने का गम लिए सभी अपना विरोध दर्ज़ करा रहे थे तब पुलिसप्रशासन उन्हें सहनभूति की जगह लाठियों से उनका सम्मान कर रही थी। हरियाणा पुलिस की कार्यकुशलता का अंदजा उसी से लगाया जा सकता है बी जे पी नेता के स्कूल को पब्लिक के गुस्से से छाती न पहुंचे इसकी पूरी कोशिश उन्होंने जरूर की है। ये हरियाणा पुलिस का बी जे पी प्रेम ही है जो कही न कही हर बार जग जाहिर हो जाता है।