गरीब किसानों की कर्ज माफ़ी पर योगी का भद्दा मजाक

  • गरीब किसानों की कर्ज माफ़ी पर योगी का भद्दा मजाक

खबर_संवाददाता - Deepak

On 2017-09-13 18:49:33 3305

 

चुनाव में कर्ज माफ़ी को लेकर बड़े बड़े वादे कर लोगो का वोट पाने वाले उत्तर प्रदेश की सरकार आज उन्ही गरीब किसानों के साथ ऐसा भद्दा मजाक किया है। मजाक भी ऐसा वैसा नहीं ऐसा मजाक जो गरीब किसानों को उनकी हालत पर ही सोचने के लिए मजबूर कर दे की आखिर इस देश में गरीब होने का क्या अर्थ है और साथ ही एक अहम् सवाल भी उठाने के लिए मजबूर करेगा की भारत की 70 % आबादी जो आज भी गांव में रहती है और खेती से गुजरा चलता वो आज बस केवल वोट बैंक बांके क्यों रह गए है।

 

किसी को 9 पैसे तो किसी को 84 पैसे

जैसे ही यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ को बनाया गया था वैसे ही उन्होंने एक कैबिनेट मीटिंग बुलाई जिसके बाद किसानों ने उनसे उम्मीद लगाई थी की अब उनका कर्ज माफ़ कर दिया जाएगा। और ठीक वैसा ही हुआ किसानों के कर्ज तो माफ हो रहे हैं लेकिन कितने कर्ज माफ हो रहे हैं इसे देखकर सरकार पर तरस जरूर आएगा।

 

बिजनौर जिले में किसानों की कर्ज माफ़ी के सर्टिफिकेट बाटा गया। लेकिन सर्टिफिकेट देखर किसानों के पेअर के नीचे से मानो जमीन खिसक गयी क्यूंकि  ऋण मोचन योजना में किसी किसान के 9 पैसे तो किसी किसान के 84 पैसे का कर्ज माफ हुआ है। पहले चरण में 22156 किसानों का ऋण माफ हुआ है। इनमें नगीना के किसान बलिया पर था 9 पैसे का कर्ज और बास्टा के किसान चरण सिंह पर था 84 पैसे का कर्ज था जिन्हें ऋणमुक्त कर दिया गया है। इतना ही नहीं जिले के किसानों पर 2 रुपये व 3 रुपये तक का कर्ज माफ हुआ।

    गरीब किसानों की कर्ज माफ़ी पर योगी का भद्दा मजाक

हिंदुस्तान अखबार ने जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र के हवाले से कुछ आंकड़े जारी किए हैं। जिनमें न्यूनतम माफी वाले किसानों की ऋणमुक्ति के बारे में बताया गया है। ये हैं नौ पैसे से 57 रुपये तक की कर्जमाफी वाले किसानों के नाम है।ये हाल कोई एक दो किसानों का नहीं था ऐसा कई किसानों के साथ किया गया था।

इन सब में सबसे ज्यादा भद्दा मजाक उमरी गांव में रहने वाली शांति देवी के साथ किया गया था। जिनपर 1.55 लाख रूपये का लोन था। उन्हें महज 10 रुपये 37 पैसे की कर्ज  माफ़ी की सर्टिफिकेट दी गयी वही उसी गांव के मुन्नीलाल पर 40 हजार रुपये का कर्ज था उन्हें महज 215 रुपये की माफ़ी दी गयी है।

 

    गरीब किसानों की कर्ज माफ़ी पर योगी का भद्दा मजाक

उद्योगपतियों के अरबों रुपये माफ़

 2014 में जब लोकसभा में चुनाव होने थे, तो मोदी जी ने कई ऐसे वादे किये थे जिसमे किसानों की कर्जमाफ़ी,उनकी खुशाली शामिल थी लेकिन आज न तो मोदी जी के भाषणों में किसानो ककही जिक्र होता है और न ही कर्ज माफ़ी का। अगर किसान कर्ज माफ़ी के लिए धरना भी डालते है तो उनपर गोलियां बरसा दी जाती हैं  जैसा की हमने मध्यप्रदेश के नीमच में देखा था। लेकिन वहीं इस देश के कई ऐसे उद्योगपति है जिनके एक बार कहने पर अरबों रुपये की कर्ज माफ़ी दे दी जाती है ,और इन उद्योगपतियों में अडानी और अंबानी भी शामिल है जिसके बारे में सब जानते है की वो पीएम मोदी के कितने करीब हैं।

 

तो हमारा सवाल खुद प्रधानमंत्री से है जो भारत माता पर बड़ी बड़ी बाते करते है ,उनके नजर में भारत माता कौन है , क्या वो भारत माता देश के कुछ बड़े उद्योगपति है ,या देश की वो 70 %जनता है जो गांव में रहता। हम प्रधानमंत्री मोदी को असल भारत माता के बारे में बताना चाहते है जिसे सुमित्रानंदन पंत ने अपनी कविता में लिखा है

 

भारत माता ग्रामवासिनी।

खेतों में फैला है श्यामल,

धूल भरा मैला सा आँचल,

गंगा यमुना में आँसू जल,

मिट्टी कि प्रतिमा उदासिनी।

दैन्य जड़ित अपलक नत चितवन,

अधरों में चिर नीरव रोदन,

युग युग के तम से विषण्ण मन,

वह अपने घर में प्रवासिनी।     

Related News Video