गोरखपुर: BRD मेडिकल कॉलेज के स्कैंडल में फंसा नौवां आरोपी गिरफ्तार

  • गोरखपुर: BRD मेडिकल कॉलेज के स्कैंडल में फंसा नौवां आरोपी गिरफ्तार

खबर_संवाददाता - Shaini

On 2017-09-17 11:26:13 2825

गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी पुष्पा सेल्स का डायरेक्टर मनीष भंडारी को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। पुलिस ने भंडारी को गोरखपुर देवरिया बाईपास से ही अपनी गिरफ्त में लिया है। मेडिकल कॉलेज में स्कैंडल में अबतक 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस और एसटीएफ भंडारी का तलाश महीने भर से कर रही थी.

 

बता दे कि BRD मेडिकल कॉलेज में 10 और 11 अगस्त को 36 बच्चों की मौत हुई थी। बच्चों की मौत ऑक्सीजन की सप्लाई ना होने की वजह से हुई थी। लेकिन यूपी की योगी सरकार ने इस आरोप से अपने कदम पीछे कर लिए। इस हादसे के बाद काफी विवाद हुआ। राहुल गांधी से लेकर अखिलेश यादव मृतक बच्चो के परिवार से मिले। उस समय यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से लोकसभा सांसद थे। इस पूरे मामले को प्रधानमंत्री ऑफिस ने पूरी गंभीरता से लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम योगी ने चीफ सेक्रेटरी राजीव कुमार को जांच के आदेश दिए।

 

9 लोगो के खिलाफ दर्ज केस

जांच रिपोर्ट के बहार आने के बाद लखनऊ के हजरतगंज थाने में 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल राजीव मिश्र, उनकी पत्नी डॉ पूर्णिमा शुक्ल, एनिसथिसिया विभाग के हेड डॉ सतीश कुमार और डॉं काफ़िल खान के साथ सभी आरोपी अंडर ग्राउंड हो गए थे। जिसके बाद योगी सरकार ने इन्हें हिरासत में लेने के लिए स्पेशल टास्क फ़ोर्स यानि एसटीएफ़ को नके पीछे लगाया। इस मामले में पहली गिरफ्तारी डॉ राजीव और उनकी पत्नी की हुई जिन्हें कानपुर के एक बड़े वकील के घर से गिरफ्तार किया गया। इन दोनों को सरकार गिरफ्तारी के पहले ही निलंबित कर चुकी थी। आरोप है कि डॉ राजीव के प्रिंसिपल रहते मेडिकल कॉलेज में सिर्फ उनकी पत्नी की चली, और वही कमीशन से लेकर ट्रांसफर तक देखती थीं।

 

मेडिकल कॉलेज में जिस दिन यह हादसा हुआ था उस दिन प्रिंसिपल राजीव छुट्टी पर गए हुए थे। उनकी जगह डॉ सतीश को प्रिंसिपल इंचार्ज बनाया गया और वो भी छुट्टी पर चले गए थे। डॉ सतीश ने पुलिस के डर से आदालत में खुद ही सरेंडर कर दिया। इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा में रहे डॉ काफ़िल खान को एसटीएफ ने गोरखपुर से गिरफ्तार किया। डॉ काफ़िल पर अपनी पत्नी के अस्पताल में प्राइवेट प्रैक्टिस करने का भी आरोप लगाया गया है। यूपी की योगी सरकार इन सभी आरोपियों को सजा सुनाने की तैयारी में है।