रोहिंग्या मुसलमानों पर भागवत का बयान, अपनी मानवता नहीं खो सकते

  • रोहिंग्या मुसलमानों पर भागवत का बयान, अपनी मानवता नहीं खो सकते

खबर_संवाददाता - Shaini

On 2017-09-30 10:22:43 2825

नागपुर में आरएसएस की स्थापना दिवस का आयोजन रखा गया है। विजयदशमी के उपलक्ष पर यह समारोह रखा गया है। हर साल की तरह इस साल भी आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अपना शक्ति प्रदर्शन किया है। स्वयंसेवको का पथ संचलन सुबह के वक्त 6.15 बजे रेशमबाग मैदान से शुरु हुआ जो पूरे शहर से गुजरा। आरएसएस के स्थापना दिवस के मौके पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समारोह को संबोधित कर रहे हैं।

 

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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आयोजित समारोह मे तमाम मुद्दे पर अपनी बात रखी, उन्होने गोरक्षा के नाम पर हिंसा नही होने की बात कही। उन्होने कहा गोरक्षा के नाम पर कानून तोड़ना उचित नहीं। गोरक्षा सांप्रदायिकता का सवाल नहीं है। गाय को नाम पर हिंसा को धर्म से जोडने की गलती ना करें। दूसरे धर्म के लोग भी गाय से जुड़े है। और गोरक्षा करने वाले हिंसक कैसे हो सकते हैं।

 

मोहन भागवत ने आगे कहा, इन सब सुधार के लिए हमको अपनी नीति बनाने पड़ेगी। और आर्थिक नीति ऐसी हो जिससे हर वर्ग मे सुधार आए हर वर्ग कल्याण हो। आर्थिक मोर्चे पर फैसले का अध्ययन होना चाहिए। मोहन भागवत ने रोहिंग्या मुसलमान का मुद्दा उठाते हुए कहा, आंतकी गतिविधियों के कारण ही रोहिंग्या को म्यांमार से भगाए गए। मानवता के नाम पर हम अपनी मानवता नहीं खो सकते।

केरल, बंगाल में राजनीतिक हिंसा के मुद्दे पर भागवत बोले, वहां की सरकार हिंसा करने वालों के साथ आतंकियों से सख्ती से निपटने को लेकर भी मोहन भागवन ने सरकार की प्रशंसा भी की है। मोहन भागवत ने कहा- विकास की बाढ़ इस कदर तक आनी चाहिए कि जम्मू-कश्मीर के लोगों तक विकास पहुंचे। जो हिंदू पाकिस्तान से आए उनकी सुध ली जाए। डोकलाम विवाद से निपटने के लिए और कश्मीर नीति पर भी मोहन भागवत ने मोदी सरकार की प्रशंसा की। RSS प्रमुख ने मोदी सरकार की तारीफ में कहा- 70 साल में पहली बार दुनिया का ध्यान भारत पर गया, आर्थिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।