पीएम मोदी ने आलोचकों को दिया कड़ा जवाब, कहा मंदी और रोजगार के आंकड़े देख ले

  • पीएम मोदी ने आलोचकों को दिया कड़ा जवाब, कहा मंदी और रोजगार के आंकड़े देख ले

खबर_संवाददाता - Shaini

On 2017-10-05 10:39:12 2826


पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उन लोगो का जवाब दिया जो उनकी सरकार पर हमला बोल रही है। उन्होंने कहा वर्तमान की चिंता को जता कर भविष्य बर्बाद नही कर सकता। छोटे उद्यमियों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी जो समस्या है, उसमें मदद करने के लिए सरकार पूरी तरीके से तैयार है।

पीएम मोदी ने तमाम मुद्दो में शामिल जीएसटी के मुद्दे पर भी बात की। उन्होने कहा कि हमने बारीक से बारीक चीजों का लोगो से फीडबैक लिया है। हमने जीएसटी काउंसिल से कहा है कि व्यापारियों को जो परेशानिया आ रहा है वो हर एक बात सामने रखे। सभी पार्टियां और सभी राज्य सरकारें मिलकर इसके बदलाव पर बात करें।

कंपनी सेक्रेटरीज के प्रोग्राम में पहुंचे मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा कि रेवड़ी बांटने के बजाए देश को मजबूत बनाने का कोई और रास्ता नहीं होता क्या? हम देश हित की कीमत पर रेवड़ी नहीं बांटेंगे. पिछली सरकार के आखिरी तीन सालों में काम की रफ्तार और हमारी सरकार के तीन सालों में काम की रफ्तार का फर्क आपको साफ नजर आएगा.

पीएम ने कहा, "मेहनत से कमाए गए आपके एक-एक पैसे का मूल्य सरकार अच्छे से समझती है। इसलिए सरकार की नीतियों को बनाने से पहले इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि वो गरीबों और मध्यम वर्ग की जिंदगी तो आसान बनाएं ही, उनके पैसों की भी बचत कराएं देश के आर्थिक क्षेत्र को खोलने के बाद से लेकर अब तक जितना विदेशी निवेश भारत में हुआ है, उसकी तुलना अगर पिछले तीन वर्षों में हुए निवेश से करें, तो आपको पता चलेगा कि हमारी सरकार जो रिफॉर्म कर रही है, उसका नतीजा क्या मिल रहा है।

पीएम ने कहा, "सरकार की सारी योजनाएं गरीबों को सशक्त कर रही हैं। जनधन योजना के तहत अब तक 30 करोड़ से ज्यादा गरीबों के बैंक खाते खोले जा चुके हैं। पिछले तीन वर्षों में 21 सेक्टरों से जुड़े 87 छोटे-बड़े रिफॉर्म किए गए हैं। डिफेंस सेक्टर, कंस्ट्रक्शन सेक्टर, फाइनैंशल सर्विसेज, फूड प्रोसेसिंग जैसे कितने ही सेक्टरों में निवेश के नियमों में बड़े बदलाव हुए हैं।


मोदी ने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा, "ये हमारी सरकार की ही हिम्मत थी कि हम नोटबंदी जैसा फैसला ले पाए। पिछली सरकार के दौरान 6 साल तक 5.7% रही GDP। मुझे खुशी है कि विशिष्ट प्रकार के विद्वानों के बीच में आया हूं, जो इस बात के लिए जिम्मेदार हैं कि देश में हर कंपनी कानून का पालन करे, गड़बड़ी ना करे, पारदर्शिता रखे।