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अखिलेश-मायावती के आरोपों का प्रियंका गाँधी ने कुछ इस तरह जवाब

हाल ही में प्रियंका गांधी ने उस बात का खंडन किया है जिसमें कांग्रेस के द्वारा कमजोर प्रत्याशी मैदान में उतारने की बात कही गई थी।

दरअसल गुरुवार को प्रियंका ने स्पष्ट किया कि मैंने यह नहीं कहा कि कांग्रेस कमजोर उम्मीदवार खड़े कर रही है। कांग्रेस यह चुनाव अपनी ताकत पर लड़ रही है।

मालूम हो कि इससे पहले सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस पर निशाना साधा था। उनका कहना था कि कांग्रेस ने भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए ही प्रत्याशी उतारे हैं। जनता उनके साथ नहीं है।

अब इस पर प्रियंका गांधी ने कहा। ‘‘मैं भाजपा की मदद करने के बजाए मरना पसंद करूंगी। हमने ऐसे उम्मीदवार खड़े किए हैं जो या तो बेहद मजबूती से लड़ेंगे या फिर भाजपा के वोट काटेंगे।’’

इतना ही नहीं। अखिलेश ने यह भी कहा कि भाजपा ने ईडी। सीबीआई और अन्य एजेंसियों का विपक्ष के नेताओं के खिलाफ गलत इस्तेमाल करना कांग्रेस से ही सीखा है। साथ ही अखिलेश ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के कमजोर प्रत्याशी खड़े करने के बयान को भी आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि मैं इस बात में विश्वास नहीं करता कि कांग्रेस ने कहीं भी कमजोर प्रत्याशी खड़ा किया है। कोई पार्टी ऐसा नहीं कर सकती।

मालूम हो कि सपा अध्यक्ष ने कहा कि मैं चाहता हूं कि लोकसभा में सपा के सांसदों की संख्या बढ़े। मैं उन लोगों में शामिल हूं जो देश में एक नया प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं। मैं चाहता हूं कि अगली सरकार में उत्तरप्रदेश की अहम भूमिका हो।

इस पर मायावती ने कहा। ”कांग्रेस के लोग कह रहे हैं कि चाहे भाजपा के उम्मीदवार जीत जाएं। लेकिन सपा-बसपा गठबंधन के लोग न जीतें। कांग्रेस ने भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। भाजपा भी कांग्रेस की तरह नकली अंबेडकरवादी है।”

बता दें की राहुल गांधी ने बुधवार को बाराबंकी में एक चुनावी जनसभा में भाजपा के साथ सपा-बसपा गठबंधन पर भी निशाना साधा था। उन्होंने कहा। “अखिलेश और मायावती का कंट्रोल मोदी के पास है। मेरी कोई हिस्ट्री नही है। इसलिये मैं मोदी से नही डरता। वे मुझसे डरते है।”

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