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जियो से टक्कर, एयरटेल ने वोडा आइडिया को फाइबर JV में शामिल होने का न्योता दिया

जियो से टक्कर, एयरटेल ने वोडा आइडिया को फाइबर JV में शामिल होने का न्योता दिया
भारती एयरटेल 2.46 लाख किलोमीटर के अपने फाइबर ऐसेट्स के लिए टेलीसोनिक नेटवर्क्स लिमिटेड नाम से एक कंपनी शुरू कर रही है।

रेवेन्यू पर बने दबाव और घाटे से जूझ रही नई टेलिकॉम मार्केट लीडर वोडाफोन आइडिया ने हाल ही में अपने फाइबर ऐसेट्स बिजनस को अपने पूरे मालिकाना हक वाली यूनिट में बदल दिया है। कंपनी ने यह कदम कैश जुटाने के मकसद से अपने फाइबर ऐसेट को मॉनेटाइज करने के लिए उठाया है।

मित्तल ने कहा, ‘उनके पास बहुत फाइबर ऐसेट्स हैं। हमारे पास भी बहुत फाइबर ऐसेट्स हैं। अगर हम दोनों अपने फाइबर ऐसेट्स को मिला दें तो उससे दो चीजें होंगी- हमारे पास बहुत फाइबर ऐसेट्स हो जाएंगे।

हो सकता है कि कई जगह इसमें ओवरलैप (कई जगहों पर दोनों के पास ऐसेट्स हैं) की स्थिति बने। लेकिन इससे हम दोनों की कपैसिटी 25% बढ़ जाएगी और नए रूट्स हासिल होंगे जो अभी हमारे पास नहीं हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि फ्यूचर के लिए बनने वाले सभी ऐसेट्स एक जैसे होंगे इसलिए हमें पैसे की बर्बादी बंद कर देना चाहिए।’


भारती एयरटेल वोडाफोन आइडिया के साथ चल रही संयुक्त स्वामित्व वाली टावर कंपनी इंडस टावर्स की तरह ही उसके साथ फाइबर बिजनस में जॉइंट वेंचर बनाने के लिए भी बातचीत कर रही है। कंपनी के चेयरमैन सुनील मित्तल ने कहा कि वोडाफोन आइडिया ने उनके प्रस्ताव को लेकर ‘गर्मजोशी’ दिखाई है।

मित्तल ने मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस के दौरान ईटी से बातचीत में कहा, ‘हमने न्योता दिया है। हमने टावर बिजनस में ऐसा किया था, जब हमने इंडस टावर्स चालू की थी। आपको याद होगा। हमने उसी तरह वोडाफोन आइडिया को फाइबर कंपनी में शामिल होने का न्योता दिया है। यह दो मेंबर वाला जॉइंट वेंचर होगा। हम अपनी फाइबर कंपनी शुरू कर रहे हैं।