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आरबीआई में बीजेपी का दूसरा मोहरा क्या भारतीय अर्थव्यवस्था को बचा पाएगा?

आरबीआई मे चल रहे भारी विवाद के चलते सोमवार को देश में ऐसा पहली बार देखनें को मिला जब आरबीआई गवर्नर नें कार्यकाल से पहले ही इस्तीफा दे दिया हो और इस इस्तीफे के साथ इतिहास में अपना नाम दर्ज करवाया है आरबीआई के पुर्व गवर्नर उर्जित पटेल नें जो कई समय से सरकार से नाराज चल रहे थे और सरकार की और से लगातार आ रहे दवाब को झेल रहे थे लेकिन आखिरकार उन्होंनें भी हार मान ली और निजी कारणों का बहाना देकर इस्तीफा दे दिया।

आरबीआई गवर्नर के इस इस्तीफे के बाद से ही शेयर मार्केट को एक बड़ा झटका लगा क्योंकि किसी भी देश में निवेश की विश्वस्नीयता वहां की मुख्य बैंक पर निर्भर रहती है और आरबीआई गवर्नर के इस्तीफें के बाद से विदेशी निवेशकों का आरबीआई पर से विश्वास जरूर उठेगा और वह भी भारत में निवेश करनें से कतराएंगे और भारतीय अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो सकता है।

भारतीय इकॉनॉमी को इस झटके से बचानें के लिए बीजेपी नें उर्जित पटेल के बाद अपनें एक और मोहरें को आरबीआई की चाबीं दे दी है और उस मोहरे का नाम है शशिकांत दास जो पहले से ही बीजेपी के करीब रहे है और आर्थिक सचिव समेत कई पदों पर रह चुके है। और इसी के चलते उन्हें नया आरबीआई गवर्नर नियुक्त किया गया है लेकिन वह पहले से ही मोदी सरकार की कई पॉलिसियों जैसे नोटबंदी और जीएसटी का समर्थन कर चुके है और सभी को यह डर गल रहा है कि उर्जित पटेल जिन मामलों में सरकार से लड़ रहे थे वह नए गवर्नर शायद ही उनके साथ खड़े हो पाएंगे और देख कर तो यह भी लग रहा है कि बीजेपी की मांगेजल्द ही पूरी हो जाएंगे।

लेकिन अगर ऐसा होता है तो यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए घातक हो सकता है क्योंकि सरकारआरबीआई से मांग कर रही है कि वह अपना रिजर्व कम करदें और सरकार को पैसे दे देलेकिन ऐसा पहले अर्जेंटिना में भी हो चुका है जहां इकॉनॉमी को इस कदम के बाद भारीनुकसान हुआ था और भारत के साथ भी ऐसा ही होगा अगर सरकार की यह मांगे पूरी हो जाती है जो नए मोहरें के आनें से पूरी होती हुई नजर आ रही है।

Siddharth Sharma

siddharth sharma is a budding journalist who has great interest in exploring himself to new trends of journalism and always bring out the new and interesting part in every news and is always dedicated to his work