उंगली में तांबे की अंगुठी पहनने से होते हैं ऐसे फायदे जिसे जानकर हो जाएंगे हैरान

ये बात एकदम सच है कि हर धातु की एक अपनी ही विशेषता होती है। खास बात तो ये है कि यह ग्रहदोष तो शांत करती ही है, बल्कि इसके साथ ही ये हमारे स्वास्‍थ्य लाभ भी पहुंचाती है। वही ऐसी ही एक चमत्कारी धातु है तांबा। तांबे की अंगूठी या छल्ला धारण करने से आपको बहुत ज़्यादा लाभ पहुंचा सकता है।

दरअसल ऐसा कहा जाता है कि तांबे की अंगूठी या छल्ला से मंगल व सूर्य ग्रह शांत होते हैं। दिलचस्प बात ये है कि तांबा वास्तुदोष दूर करने के साथ-साथ सेहत के लिए भी औषधि का काम करता है।

* बताना चाहेंगे कि ज्योतिष शास्‍त्र के अनुसार, धातुओं और ग्रहों का धनिष्ठ संबंध है। अगर ग्रह विपरीत हो, तो व्यक्ति के जीवन पर नकारात्मक असर होता है। वही शुभ-अशुभ फल के पीछे भी यही ग्रह कारक होते हैं। ग्रह संबंधी धातु धारण करने से यह शांत हो जाते हैं।

* ऐसा कहा जाता है कि धातुओं में तांबा शुद्ध व शांत धातु मानी गई है। वही इसका संबंध मंगल व सूर्य से है। वही अगर सूर्य या मंगल कमजोर हो, तो तांबे की अंगूठी या छल्ला धारण करने से लाभ होता है। इसे धारण करने से असर जल्द ही दिखने लगता है।

* ये बोला जाता है कि तांबे का संबंध सूर्य से होता है और सूर्य को यश और सम्मान का प्रतीक माना जाता है। तांबे की अंगूठी धारण करने से व्यक्ति को समाज में पद-प्रतिष्ठा और सम्मान की प्राप्ति भी होती है। यह मनुष्य की प्रसिद्धि को बढ़ाने में भी सहायक होती है।

* कुंडली में सूर्य दोष हो, तो तांबे की अंगूठी को रिंग फिंगर में पहनना चाहिए। इस बारे में ज्योतिष शास्‍त्र ये कहता है कि यह धातु शांत प्रकृति की होती है और गर्मी दूर करती है। तांबा धारण करने से मन को शांति मिलती है।

* वही अगर मानसिक विकार हो या गुस्सा अधिक आता हो, उसे तांबा धारण करना चाहिए। दरअसल वास्तुशास्‍त्र के मुताबिक, तांबा वास्तुदोष को भी दूर करता है। इससे बने बर्तन या आभूषण यदि घर मे हों, तो घर का माहौल शांतिपूर्ण बना रहता है और नकारात्मक ऊर्जा भी दूर होती है।

# स्वास्थ को यूं पहुंचता है लाभ –

* जानकारी देना चाहेंगे कि तांबा एक ऐसी धातु है, जो ग्रह दोष शांत करने के साथ-साथ सेहत के लिए भी लाभकारी है। तांबे के बर्तन में रखा जल धारण करने से पेट संबंधी रोग दूर होते हैं। इतना ही नहीं बल्कि तांबे का कड़ा या ब्रेसलेट, जोड़ों में दर्द या गठिया से संबंधित रोग भी दूर करने में लाभकारी है। तांबे में एंटी-ऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक होती है, जो कई तरह के संक्रामक रोगों से बचाने में लाभकारी है। तांबा शरीर को संक्रमण से सुरक्षित रखता है।

* इतना ही नहीं बल्कि इससे बने आभूषण धारण करने से बढ़ती उम्र का असर कम होता है। यह रक्त शुद्ध करता है, इससे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है और इस प्रकार बीमारियों से बहुत तक आप बचे रहते हैं। पेट की बीमारियों, डायरिया और पीलिया में यह विशेष लाभकारी होता है। तांबे को आप किसी भी प्रकार से पहनें यह त्वचा के द्वारा शरीर में अवशोषित होता है और खून में इसकी कमी दूर होती है। तांबा धारण से ब्लड प्रेशर भी संतुलित रहता है। यह शरीर में सूजन को भी दूर करता है।

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