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किन्नर भी करते हैं शादी, लेकिन इंसान से नहीं देवता से

किन्नर यानि Transgender जिन्हें समाज के लोग अभी तक एक अलग ही नजरिये से देखते है। क्योकि धरती पर स्त्री और पुरुष से हटकर ये एक प्रजाति होती है जिन्हें किन्नर कहा जाता है। वही कई लोगो का ये सवाल है क्या किन्नर शादी करते है।   

एक कथा है जिसकी परंपरा को किन्नर आज भी निभा रहे हैं और इसी कथा अनुसार किन्नर शादी भी करते हैं। किन्नर किसी और से नहीं बल्कि अपने देवता अरावन जिनके माता-पिता थे अर्जुन और नाग कन्या उलूपी। कथा के अनुसार बारे महाभारत युद्ध से पहले पांडवों ने मां काली की पूजी की थी और इस पूजा के बाद किसी राजकुमार को बलि पर चढ़ाना था। इसके लिए कोई भी राजकुमार तैयार नहीं हो रहा था तो अरावन ने खुद को बलि पर चढ़ाने के लिए हां कर दी।  लेकिन अरावन ने इसके लिए एक शर्त रखा कि वो बिना शादी के बलि पर चढ़ने को तैयार नहीं होगा

इसलिए पहले उसकी शादी कराई जाए फिर वो बलि दे देगा। जिसके बाद सवाल ये खड़ा हो गया कि जिसेक बाद श्री कृषण ने मोहिनी रुप धारण किया और फिर अरावन से शादी के विधवा बनने को तैयार हो गए। इसी प्रथा के चलते किन्नर अपने देवता अरावन से शादी करते हैं।

बता दे तमिलनाडु राज्य के एक देवता अरावन की पूजा की जाती है। कई जगह है कि अरावन या इरावन के नाम से भी जाना जाता है। अरावन हिजड़ो के देवता हैं इसलिए दक्षिण भारत में किन्नरों को अरावनी कहा जाता है। किन्नरों और अरावन देवता के संबंध में सबसे अचरज वाली बात यह है कि किन्नर अपने आराध्य देव अरावन से साल में एक बार विवाह करते हैं। हालांकि यह विवाह मात्र एक दिन के लिए होता है, अगले दिन अरावन देवता की मौत के साथ उनका वैवाहिक जीवन खत्म हो जाता है।

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